फॉण्ट कनवर्टर NEW

ईरान का अभेद्य किला: मिसाइलें गिरीं, पर नहीं डगमगाई सत्ता; क्या फेल होगा ट्रंप का प्लान?

Tehran, Iran: पिछले दो हफ्तों से ईरान के आसमान से मौत बरस रही है। मिसाइल ठिकाने तबाह हो रहे हैं और नौसैनिक अड्डों पर मलबे का ढेर लगा है। कई शीर्ष सैन्य अधिकारी मारे जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड

अपनी भाषा में पढ़ें

Tehran, Iran: पिछले दो हफ्तों से ईरान के आसमान से मौत बरस रही है। मिसाइल ठिकाने तबाह हो रहे हैं और नौसैनिक अड्डों पर मलबे का ढेर लगा है। कई शीर्ष सैन्य अधिकारी मारे जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने देश की राजनीतिक और आर्थिक नब्ज पर अपनी पकड़ ढीली नहीं होने दी है। जानकारों का कहना है कि ईरान की सत्ता किसी एक व्यक्ति की मोहताज नहीं है; खामेनेई ने दशकों लगाकर सुरक्षा तंत्र और धार्मिक नेतृत्व के बीच ऐसा जटिल संतुलन बनाया था, जो संकट के समय खुद-ब-खुद सक्रिय हो जाता है।

मोजतबा खामेनेई: सत्ता के नए ध्रुव

युद्ध की इस घड़ी में दिवंगत नेता के बेटे, मोजतबा खामेनेई सत्ता के नए और सबसे शक्तिशाली चेहरे के रूप में उभर रहे हैं। वे IRGC के साथ मिलकर शासन को पहले से कहीं अधिक कठोर और सैन्यीकृत बनाने की दिशा में बढ़ रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इस युद्ध के बाद तेहरान में एक ऐसा शासन उभरेगा, जो पहले से कहीं ज्यादा कट्टर और सुरक्षा-केंद्रित होगा।

ट्रंप और नेतन्याहू के लिए ‘महंगा’ साबित होता युद्ध

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली पीएम नेतन्याहू के लिए ईरान में ‘शासन परिवर्तन’ का लक्ष्य अब एक दलदल जैसा दिखने लगा है। अमेरिका अब तक इस जंग में करीब 12 अरब डॉलर फूंक चुका है और उसके सैनिकों की मौत ने वॉशिंगटन में अंदरूनी दबाव बढ़ा दिया है। दूसरी ओर, ईरान ने ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ जैसे वैश्विक ऊर्जा मार्ग पर अपनी पकड़ मजबूत रखी है, जिससे उसने पूरी दुनिया की आर्थिक नस दबा रखी है। तेल और गैस की सप्लाई बाधित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाहाकार मचा है।

घरेलू मोर्चे पर सख्त पहरा

भले ही मानवाधिकार कार्यकर्ता ईरान के भीतर छिपे गुस्से और विद्रोह की बात कर रहे हों, लेकिन धरातल पर सुरक्षा एजेंसियों की ‘आयरन फिस्ट’ (सख्त निगरानी) ने किसी भी बड़े प्रदर्शन की गुंजाइश खत्म कर दी है। सत्ता समर्थक तबका अब पहले से कहीं अधिक आक्रामक होकर सड़कों पर है। कुल मिलाकर, खामेनेई का तैयार किया गया तंत्र फिलहाल अभेद्य बना हुआ है, जिससे पश्चिमी देशों की ‘सत्ता परिवर्तन’ की रणनीति अधूरी रह सकती है।

Read more: मिशन यूरेनियम: ईरान के परमाणु भंडार पर कब्जे के लिए उतारनी होगी ‘सुपर आर्मी’

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram