रांची: करीब 600 करोड़ रुपये के BCCL टेंडर को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में मामला पहुंच गया है। RA Mining Private Limited की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कोयला मंत्रालय, BCCL और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले से जुड़ा वर्क ऑर्डर कोर्ट के अगले आदेश से प्रभावित रहेगा। मामले की अगली सुनवाई 19 सितंबर को होने की संभावना है।
कुसुंडा एरिया के काम के लिए निकला था टेंडर
BCCL ने वर्ष 2025 में कुसुंडा क्षेत्र में ओवरबर्डन हटाने, कोयला खनन, परिवहन और फायर-फाइटिंग के काम के लिए टेंडर जारी किया था। इस प्रक्रिया में कुल 19 कंपनियों ने हिस्सा लिया था।
टेक्निकल जांच के बाद छह कंपनियों को योग्य पाया गया, जबकि 13 कंपनियों को तकनीकी आधार पर अयोग्य घोषित कर दिया गया। बाद में फाइनेंशियल बिड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद काम STG Associate को दिया गया।
Power of Attorney बना विवाद की वजह
टेंडर प्रक्रिया से बाहर की गई RA Mining ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर BCCL के फैसले को चुनौती दी। कंपनी का कहना है कि उसे गलत आधार पर अयोग्य घोषित किया गया।
कंपनी के अनुसार, BCCL ने उसके अधिकृत प्रतिनिधि के Power of Attorney की वैधता को आधार बनाकर उसे टेंडर से बाहर किया। RA Mining का दावा है कि पुराने Power of Attorney की अवधि खत्म होने से पहले ही नया दस्तावेज जमा कर दिया गया था।
कंपनी के मुताबिक, नए Power of Attorney की वैधता 27 नवंबर 2026 तक है, लेकिन BCCL ने इसे स्वीकार नहीं किया। अब हाईकोर्ट इस पूरे विवाद पर सुनवाई कर रहा है।




