Patna: हरित बिहार अभियान को नई गति देने के लिए बिहार सरकार ने वर्ष 2028 तक राज्य का हरित आवरण 17 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री डॉ. रामचंद्र प्रसाद ने बुधवार को पटना स्थित अरण्य भवन में आयोजित ‘जल-जीवन-हरियाली दिवस’ कार्यक्रम में कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने में आम लोगों की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि चतुर्थ कृषि रोड मैप में भी हरित आवरण बढ़ाने को प्रमुखता दी गई है।
Read more: अगस्त से शुरू होगा “सखुआ महोत्सव-2026”, जनआंदोलन बनेगा हरित क्रांति का अभियान
कार्यक्रम के दौरान ‘आज पौधशाला, कल वन—भविष्य का हरित निवेश’ विषय पर जल-जीवन-हरियाली अभियान से जुड़े 15 क्रियान्वयन विभागों के साथ विस्तृत परिचर्चा भी आयोजित की गई।
हरियाली मिशन से बढ़ा हरित आवरण
मंत्री ने बताया कि बिहार-झारखंड विभाजन के बाद वर्ष 2001 में राज्य का वन आवरण केवल 6.07 प्रतिशत था। हरित क्षेत्र बढ़ाने के उद्देश्य से वर्ष 2012 में हरियाली मिशन शुरू किया गया। इसके तहत वित्तीय वर्ष 2012-13 से 2025-26 तक 46.07 करोड़ पौधों का रोपण किया गया, जिससे राज्य का हरित आवरण बढ़कर 15.05 प्रतिशत हो गया। उन्होंने कहा कि अब वर्ष 2028 तक इसे बढ़ाकर 17 प्रतिशत करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जनजागरूकता और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान
डॉ. रामचंद्र प्रसाद ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने के लिए हर वर्ष वन महोत्सव आयोजित किया जाता है। वहीं 9 अगस्त को बिहार पृथ्वी दिवस पर सभी विद्यालयों में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया जाएगा।
Read more: रांची में ‘मन की बात’ के बाद चला ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान, डॉ. प्रदीप वर्मा ने बांटे पौधे
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को बिहार में व्यापक जनसमर्थन मिला है। इसके तहत वर्ष 2024-25 में 4.42 करोड़ और वर्ष 2025-26 में 1.85 करोड़ पौधारोपण का विवरण ‘मेरी लाइफ’ (मिशन लाइफ) पोर्टल पर दर्ज किया गया है।
जल-जीवन-हरियाली अभियान से जल संरक्षण को बढ़ावा
राज्य सरकार जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत 15 विभागों के समन्वय से जल संरक्षण, तालाब और कुओं का जीर्णोद्धार, चेकडैम निर्माण, वर्षा जल संचयन, पौधशाला सृजन, सघन वृक्षारोपण, जैविक खेती और सौर ऊर्जा के उपयोग जैसे कार्य कर रही है।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2025-26 के बीच 26,590 चेकडैम एवं अन्य जल संरचनाओं का निर्माण कराया गया है। इसी अवधि में 23.67 करोड़ पौधों का रोपण किया गया। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 में 5 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 50.69 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं।
कार्यक्रम में विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरविंदर सिंह, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक सह मुख्य वन्यप्राणी प्रतिपालक अभय कुमार, जल-जीवन-हरियाली मिशन के नोडल पदाधिकारी अमित कुमार, मिशन निदेशक सुमित कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।





