रांची: समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में जिला सलाहकार समिति (PC & PNDT) की एक अहम बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में जिले के स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने और कन्या भ्रूण हत्या पर अंकुश लगाने के लिए पीसी-पीएनडीटी अधिनियम के मानकों की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान समिति ने प्राप्त आवेदनों पर विचार-विमर्श करते हुए जिले के 13 नए अल्ट्रासाउंड सेंटरों को निबंधन (Registration) देने और 3 सेंटरों के नवीकरण (Renewal) के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके साथ ही, विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में नई मशीनों की फॉर्म-B में एंट्री करने, नई अल्ट्रासाउंड मशीनों की खरीद, मशीनों की शिफ्टिंग और नए डॉक्टरों की जॉइनिंग के प्रस्तावों पर भी प्रशासनिक मोहर लगाई गई।
‘गरिमा पोर्टल’ पर अपलोड करना होगा डॉक्टरों का ब्योरा
उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने स्वास्थ्य अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि अल्ट्रासाउंड सेंटरों से जुड़े सभी डॉक्टरों की जॉइनिंग और उनकी योग्यता का पूरा विवरण गरिमा पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए। डॉक्टरों के प्रमाण पत्रों की गहन जांच के बाद ही उनकी सेवाओं का अनुमोदन किया गया है।
नियमित निरीक्षण और नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई
बैठक में अवैध लिंग परीक्षण पर रोक लगाने और पीसी-पीएनडीटी नियमों का कड़ाई से पालन कराने के लिए निरीक्षण तंत्र को मजबूत करने पर बल दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि जिले के सभी पंजीकृत अल्ट्रासाउंड सेंटरों का एक निश्चित समय अंतराल पर औचक निरीक्षण किया जाएगा। जो भी केंद्र सरकारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस उच्चस्तरीय बैठक में उप विकास आयुक्त संजय कुमार भगत, प्रशिक्षु आईएएस आस्था शरण, सिविल सर्जन डॉ. अमरेंद्र प्रसाद, समिति के अन्य सदस्य तथा PC & PNDT के जिला समन्वयक विशेष रूप से उपस्थित रहे।





