हजारीबाग: रॉयल्टी की राशि में दस गुना बढ़ोतरी के बाद जिले के संवेदकों की परेशानी बढ़ गई है। अप्रैल में रॉयल्टी के नियमों में बदलाव के बाद पिछले करीब चार माह से करोड़ों रुपये का भुगतान अटका हुआ है। भुगतान की प्रक्रिया स्पष्ट नहीं होने से संवेदकों में नाराजगी है।
संवेदकों का कहना है कि काम पूरा होने के बाद भी उन्हें भुगतान नहीं मिल रहा है। इससे उनकी पूंजी फंस गई है और मजदूरों तथा सामग्री आपूर्तिकर्ताओं का भुगतान करना मुश्किल हो रहा है।
भुगतान संकट का असर नए टेंडरों पर भी पड़ रहा है। कई संवेदक नए कामों में भाग लेने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि पुराने कामों का भुगतान नहीं मिलने के कारण नई योजनाओं में पैसा लगाना मुश्किल है।
इसका असर भवन निर्माण, पथ निर्माण, लघु सिंचाई, जिला परिषद और ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं पर पड़ रहा है। कई जगह विकास कार्य धीमे होने की बात सामने आई है।
संवेदक संघ से जुड़े दीपक कुमार मेहता, अंकित मेहता और अजय कुमार ने सरकार से रॉयल्टी के नए नियमों पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने और लंबित भुगतान जल्द करने की मांग की है। संवेदकों का कहना है कि भुगतान शुरू होने से विकास कार्यों की रफ्तार भी सामान्य हो सकेगी।




