रांची। राजधानी रांची के कचहरी चौक पर हुए किन्नरों के जानलेवा हमले के मामले में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कोर्ट के सख्त और स्पष्ट आदेश के बावजूद कोतवाली थाना पुलिस द्वारा प्राथमिकी (FIR) दर्ज न करने और जांच शुरू करने में लगातार टालमटोल करने का मामला सामने आया है। इस मनमानी से परेशान पीड़ित ने अब वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) रांची का दरवाजा खटखटाया है और जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
नागड़ी थाना क्षेत्र के देवरी नागड़ी निवासी इरशाद अंसारी ने कचहरी चौक पर किन्नरों द्वारा किए गए हमले को लेकर रांची के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) के न्यायालय में परिवाद पत्र (वाद संख्या 22104/2026) और M.C.A. No. 2308/2026 दाखिल किया था। इस मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने घटना की गंभीरता को देखते हुए 13 जुलाई 2026 को ही कोतवाली थाना प्रभारी को तुरंत एफआईआर दर्ज कर अनुसंधान शुरू करने का स्पष्ट निर्देश दिया था। अदालत ने कोतवाली पुलिस की पुरानी रिपोर्ट को खारिज करते हुए माना था कि पीड़ित के भाई इश्तियाक अंसारी को गोली लगी थी और उसे गंभीर चोटें आई थीं, इसलिए पुलिस जांच बेहद जरूरी है।
अदालत का आदेश दरकिनार, साक्ष्य मिटने की आशंका
अदालत के सख्त रुख और निर्देश के बावजूद कोतवाली थाना प्रभारी ने अब तक न तो एफआईआर दर्ज की और न ही आदेश का पालन किया। पीड़ित इरशाद अंसारी का आरोप है कि पुलिस जानबूझकर मामले में ढिलाई बरत रही है। 13 अगस्त को सुनवाई के दौरान अदालत ने अगली तारीख 13 अक्टूबर 2026 तय की है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि पुलिस के इस टालमटोल भरे रवैये के कारण घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage), इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान प्रभावित हो सकते हैं।
एसएसपी से शिकायत, विभागीय कार्रवाई की मांग
न्याय न मिलने से आहत पीड़ित ने रांची SSP को आवेदन सौंपकर मामले में हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। पीड़ित ने कोतवाली थाना प्रभारी पर कोर्ट के आदेश की अवमानना का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही, मामले की निष्पक्ष जांच शुरू कराने का आग्रह किया है। इस शिकायत पत्र की प्रतिलिपि पुलिस महानिदेशक (DGP), आईजी (IG), डीआईजी (DIG) और सिटी एसपी (City SP) रांची को भी भेजी गई है।




