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बिहार में सहकारी अंकेक्षकों का 6 दिवसीय प्रशिक्षण शुरू, AI से होगा ऑडिट

पटना के एल.एन. मिश्रा संस्थान में सहकारी अंकेक्षण सेवा के 30 पदाधिकारियों के लिए 6 दिवसीय क्षमता निर्माण प्रशिक्षण शुरू; AI और ऑनलाइन सिस्टम ऑडिट पर जोर।

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Patna: बिहार सरकार के सहकारिता विभाग ने सहकारी संस्थाओं में वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और सुशासन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की है। पटना स्थित ललित नारायण (एल.एन.) मिश्रा इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक डेवलपमेंट एंड सोशल चेंज में सहकारी अंकेक्षण सेवा के अधिकारियों के लिए छह दिवसीय विशेष क्षमता निर्माण-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इस प्रशिक्षण में राज्यभर के कुल 25 जिला अंकेक्षण पदाधिकारी और 5 उप मुख्य अंकेक्षक भाग ले रहे हैं।

बदलते तकनीकी परिवेश में ऑडिट व्यवस्था को तकनीक-सक्षम बनाना जरूरी

सहकारिता विभाग के माननीय मंत्री श्री राम कृपाल यादव ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने में गुणवत्तापूर्ण अंकेक्षण की केंद्रीय भूमिका होती है।

उन्होंने कहा कि बदलते तकनीकी दौर में ऑडिट व्यवस्था को भी आधुनिक और तकनीक-सक्षम बनाया जाना अनिवार्य है। अंकेक्षकों के निरंतर क्षमता निर्माण के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल तकनीकों का प्रभावी इस्तेमाल सहकारी क्षेत्र में संस्थागत सुशासन को मजबूत करेगा।

सहकारिता विभाग के ‘आंख और कान’ हैं अंकेक्षक

सहयोग समितियों के निबंधक श्री रजनीश कुमार सिंह ने कहा कि अंकेक्षक विभाग के लिए आंख और कान की तरह हैं। समितियों के वित्तीय प्रबंधन और कार्यप्रणाली की वास्तविक जानकारी सरकार तक पहुंचाने में उनकी भूमिका अहम है। यह प्रशिक्षण उनके कार्य-कौशल को और अधिक प्रभावी बनाएगा।

सहकारिता विभाग के सचिव श्री धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि विभाग नियमित अंतराल पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता है। उन्होंने कहा कि अंकेक्षण केवल वित्तीय अभिलेखों की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य ऑनलाइन सिस्टम ऑडिट और समवर्ती अंकेक्षण के माध्यम से समितियों के लेखांकन में गुणात्मक सुधार लाना है।

प्रमुख प्रशिक्षण मॉड्यूल और विषय

इस 6 दिवसीय कार्यशाला के दौरान अधिकारियों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है:

  • सहकारी संस्थाओं में सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन (PFM)

  • कोऑपरेटिव बैंकिंग संस्थानों के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का रेगुलेटरी फ्रेमवर्क

  • ऑडिट प्लानिंग और डेटा एनालिसिस के लिए AI टूल्स का व्यावहारिक उपयोग

  • सहकारी प्रशासन और ऑडिट प्रबंधन में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन

  • सहकारी संस्थाओं में रिस्क आधारित ऑडिटिंग (Risk-based Auditing)

वरिष्ठ अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

उद्घाटन सत्र में सहकारिता विभाग के सचिव श्री धर्मेन्द्र सिंह, निबंधक श्री रजनीश कुमार सिंह, संयुक्त निबंधक (अंकेक्षण) श्री संजय कुमार व श्री कामेश्वर ठाकुर, एल.एन. मिश्रा संस्थान के कुलसचिव श्री सुधीर कुमार तथा उप कुलसचिव डॉ. प्रीति सिंह सहित कई वरीय पदाधिकारी एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।

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