Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले में अपराध नियंत्रण को लेकर दोनों जिलों के वरीय पुलिस अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में पूर्वी सिंहभूम के एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब और सरायकेला-खरसावां के एसपी मनोज स्वर्गियारी समेत दोनों जिलों के पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में खास तौर पर उन अपराधियों पर कार्रवाई की रणनीति पर चर्चा की गई, जो एक जिले में आपराधिक घटना को अंजाम देने के बाद दूसरे जिले की सीमा में पहुंचकर छिप जाते हैं।
सरायकेला-खरसावां के एसपी मनोज स्वर्गियारी ने बताया कि दोनों जिलों की भौगोलिक निकटता के कारण अपराधियों के लिए एक जिले से दूसरे जिले में भागना आसान हो जाता है। जमशेदपुर में घटना को अंजाम देने के बाद अपराधी कुछ ही समय में आदित्यपुर या सरायकेला-खरसावां जिले के अन्य इलाकों में पहुंच जाते हैं। इसी तरह इस जिले के अपराधी भी जमशेदपुर क्षेत्र में जाकर छिपने का प्रयास करते हैं। इस स्थिति में अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए दोनों जिलों की पुलिस के बीच लगातार समन्वय जरूरी है।
उन्होंने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों जिलों की पुलिस को बेहतर तरीके से जोड़ना और जरूरत पड़ने पर संयुक्त कार्रवाई की व्यवस्था को मजबूत करना है। पुलिस अधिकारियों और जवानों को दोनों जिलों की सीमा को अलग-अलग क्षेत्र के रूप में देखने के बजाय अपराध नियंत्रण के लिए एक साझा क्षेत्र के रूप में काम करने पर जोर दिया गया।
एसपी ने बताया कि जमशेदपुर से तड़ीपार किए गए कुछ अपराधियों के आदित्यपुर क्षेत्र में जाकर छिपने की जानकारी भी सामने आती रही है। दोनों शहरों के बीच दूरी कम होने के कारण ऐसे अपराधी दूसरे जिले में पहुंचकर अपनी गतिविधियां जारी रखने का प्रयास करते हैं। बैठक में ऐसे अपराधियों की पहचान, उनकी गतिविधियों की निगरानी, सूचना के त्वरित आदान-प्रदान और जरूरत पड़ने पर संयुक्त छापेमारी व कार्रवाई को लेकर समन्वय बढ़ाने पर चर्चा हुई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अपराधियों के जिले की सीमा का लाभ उठाकर बच निकलने की कोशिश को रोकने के लिए दोनों जिलों के थाना स्तर से लेकर वरीय अधिकारियों के बीच संपर्क और सूचना तंत्र को मजबूत किया जाएगा। अपराधियों के ठिकानों, उनके सहयोगियों और गतिविधियों से संबंधित सूचनाओं को साझा कर समय रहते कार्रवाई करने की रणनीति तैयार की गई है। बैठक के बाद पुलिस की ओर से स्पष्ट किया गया कि सीमा क्षेत्र में अपराधियों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखते हुए संयुक्त कार्रवाई को और प्रभावी बनाया जाएगा।




