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लापता कोंका गोप हत्याकांड का खुलासा, अपना ही निकला हत्यारा

Bokaro : बोकारो के पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र में काशीझरिया निवासी कोंका गोप हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, यह हत्या जमीन विवाद में की गई थी। मृतक के चचेरे साले भगीरथ गोप ने अपने साथी भूदेव गोप के साथ मिलकर

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Bokaro : बोकारो के पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र में काशीझरिया निवासी कोंका गोप हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, यह हत्या जमीन विवाद में की गई थी।

मृतक के चचेरे साले भगीरथ गोप ने अपने साथी भूदेव गोप के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। खास बात यह है कि भूदेव गोप ही मामले का सूचक था और उसी ने पुलिस को कोंका के लापता होने की जानकारी दी थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

एएसपी चास वेदांत शंकर ने बताया कि कोंका गोप के परिजनों ने 14 सितंबर को बरमसिया ओपी में उनके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कोंका 12 सितंबर से लापता थे। पुलिस ने वैज्ञानिक जांच शुरू की। जांच के दौरान उनकी अंतिम लोकेशन भूदेव गोप के साथ मिली। इसके बाद पुलिस ने भूदेव से पूछताछ की तो हत्या की पूरी कहानी सामने आ गई।
पुलिस के अनुसार, कोंका गोप की हत्या उसके ही गमछे से गला घोंटकर की गई थी। हत्या के बाद शव को नदी किनारे झाड़ियों में फेंक दिया गया था। पुलिस ने डॉग स्क्वायड, वैज्ञानिक जांच और मानवीय सबूतों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई।

बताया गया कि कोंका गोप की शादी जिस परिवार में हुई थी, वहां केवल बेटियां थीं। कोंका अपने ससुर की करीब 12 बीघा जमीन पर अपना हक जता रहे थे। इसी बात को लेकर उनके चचेरे साले भगीरथ गोप से विवाद चल रहा था। दोनों के बीच पहले भी बहस हुई थी। पुलिस का कहना है कि इसी जमीन विवाद के कारण यह हत्या की गई।

परिजन कोंका की लगातार तलाश कर रहे थे। इसी बीच 17 सितंबर को दामूडीह पंचायत के शिमलकुड़ी गांव स्थित चढ़िया भीटा के पास खालिसा नदी किनारे झाड़ियों में उनका शव मिला था। शव मिलने के बाद पुलिस ने जांच तेज की। पूछताछ और सबूतों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

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