Jamshedpur : सीएसआईआर–राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल), जमशेदपुर में सतर्कता जागरूकता–2026 एवं स्वच्छता ही सेवा–2026 अभियान के तहत ई-ऑफिस के प्रभावी उपयोग को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यालयीन कार्यों में डिजिटल प्रणाली को बढ़ावा देने के साथ कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित करना रहा।
कार्यक्रम का उद्घाटन सामान्य अनुभाग के अनुभाग अधिकारी वेद प्रकाश ने किया। इसके बाद प्रयोगशाला के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधुरी ने स्वागत संबोधन करते हुए ई-ऑफिस जैसी डिजिटल व्यवस्था को आधुनिक कार्यालयीन कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल से कार्यालयी प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया जा सकता है।
इस मौके पर वैज्ञानिक-जी डॉ. वी.सी. श्रीवास्तव, जो सतर्कता जागरूकता सप्ताह–2026 के अध्यक्ष हैं, तथा वैज्ञानिक-जी डॉ. गोपी किशोर मंडल, जो स्वच्छता ही सेवा–2026 के अध्यक्ष हैं, ने दोनों अभियानों के उद्देश्यों और उनकी उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रशासनिक अधिकारी विप्लव विशाल ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रशिक्षक का परिचय कराया।
प्रशिक्षण सत्र में सीएसआईआर मुख्यालय के अवर सचिव अभिषेक चंद्रा ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ई-ऑफिस के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने ई-ऑफिस के माध्यम से फाइलों के डिजिटल संचालन, कार्यों के त्वरित निस्तारण, पारदर्शिता, जवाबदेही और कागजरहित कार्यालयीन व्यवस्था से संबंधित व्यावहारिक जानकारी साझा की। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को डिजिटल प्रणाली के प्रभावी इस्तेमाल के विभिन्न तरीकों से भी अवगत कराया गया।
कार्यक्रम में प्रयोगशाला के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की। अंत में प्रशासन नियंत्रक जय शंकर शरण ने धन्यवाद ज्ञापन किया। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से कार्यालयीन कार्यों में डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा और कागज आधारित प्रक्रियाओं पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।




