Patna: बिहार ने सूक्ष्म, लघु एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को सशक्त बनाने और छोटे उद्यमियों को संस्थागत सहायता पहुंचाने के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नई दिल्ली में आयोजित पीएमएफएमई कॉन्क्लेव में बिहार को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (PMFME योजना) के तहत देश में सर्वाधिक संख्या में वित्तीय एवं परियोजना स्वीकृतियां प्राप्त करने के लिए प्रतिष्ठित ‘बेस्ट स्टेट’ सम्मान से नवाजा गया है।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सौंपा ‘बेस्ट स्टेट’ अवार्ड
नई दिल्ली में आयोजित गरिमामय समारोह में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने यह प्रतिष्ठित पुरस्कार बिहार सरकार के उद्योग विभाग के एमएसएमई एवं खाद्य प्रसंस्करण निदेशक अमन समीर को प्रदान किया। यह सम्मान राज्य में असंगठित एवं सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को औपचारिक रूप देने, स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और छोटे उद्यमियों को तकनीकी व वित्तीय संबल प्रदान करने के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया गया है।
स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन और ब्रांडिंग को मिलेगा बढ़ावा
PMFME योजना का मुख्य उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों का औपचारिकीकरण, आधुनिकीकरण और उन्नयन करना है। इसके तहत उद्यमियों को निम्नलिखित सुविधाएं प्रदान की जाती हैं:
आधुनिक मशीनों और तकनीकी उन्नयन के लिए वित्तीय सहायता।
सामान्य बुनियादी ढांचे (Common Infrastructure) का विकास।
स्थानीय खाद्य उत्पादों की बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग सपोर्ट।
कौशल विकास, क्षमता निर्माण और व्यावसायिक प्रशिक्षण।
‘उद्यमियों की मेहनत और राज्य की नीतियों का परिणाम’
इस राष्ट्रीय उपलब्धि पर दोनों मंत्रियों ने अपनी प्रतिक्रिया दी:
चिराग पासवान (केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री): “PMFME योजना का लक्ष्य छोटे खाद्य उद्यमों को औपचारिक अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा से जोड़ना है। बिहार का सर्वाधिक स्वीकृतियों के साथ ‘बेस्ट स्टेट’ बनना यह दिखाता है कि राज्य में खाद्य प्रसंस्करण और सूक्ष्म उद्यमिता की अपार संभावनाएं हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और नए अवसरों के द्वार खुलेंगे।”
श्रेयसी सिंह (उद्योग मंत्री, बिहार सरकार): “यह सम्मान राज्य के सूक्ष्म उद्यमियों की कड़ी मेहनत और सरकार के निरंतर प्रयासों का प्रमाण है। सरकार का संकल्प है कि छोटे उद्यमियों को आसान पूंजी, तकनीकी मार्गदर्शन और बड़ा बाजार मिले। यह सम्मान राज्य में स्थानीय कृषि व बागवानी संसाधनों पर आधारित उद्योगों को नई गति देगा।”





