Patna: विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा राज्यभर में 10 से 16 अक्टूबर 2026 तक सात दिवसीय विशेष ‘मन जागृति’ जागरूकता अभियान का आयोजन किया जाएगा। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत चलाए जाने वाले इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाना, इससे जुड़ी भ्रांतियों और सामाजिक संकोच को दूर करना तथा जरूरतमंद लोगों को सुलभ मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
इस वर्ष की थीम: वास्तविक अनुभवों को सुनना
प्रत्येक वर्ष 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। वर्ष 2026 के लिए इस दिवस की थीम ‘Lived Experiences Heard: Real Voices, Real Change’ (वास्तविक अनुभवों को सुनें, वास्तविक आवाजों से लाएं बदलाव) निर्धारित की गई है।
इस थीम का प्रमुख उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना कर चुके लोगों के अनुभवों को सम्मानपूर्वक सुनना और उनकी सहभागिता से मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं व सहायता व्यवस्था को अधिक संवेदनशील और प्रभावी बनाना है। मानसिक स्वास्थ्य केवल किसी बीमारी के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के भावनात्मक, सामाजिक और मानसिक कल्याण से जुड़ा हुआ है।
अभियान के प्रमुख बिंदु और गतिविधियां
– विद्यालयों और महाविद्यालयों में विशेष कार्यक्रम: विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन, तनाव प्रबंधन और जरूरत पड़ने पर समय पर सहायता लेने के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही नारा लेखन, निबंध और पोस्टर प्रतियोगिताएं भी होंगी, जबकि अभिभावकों के लिए विशेष सत्र आयोजित कर बच्चों की भावनात्मक आवश्यकताओं को समझने पर जोर दिया जाएगा।
– स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यशालाएं: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC), जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों के लिए कार्यस्थल पर तनाव प्रबंधन से जुड़े सत्र आयोजित किए जाएंगे।
– टेली मानस हेल्पलाइन (14416) का व्यापक प्रचार-प्रसार: बिहार में लागू राष्ट्रीय टेली मानस योजना (Tele-MANAS) के तहत टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14416 के जरिए मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श एवं सहायता दी जाती है। इस अभियान के दौरान इस नंबर का व्यापक प्रचार किया जाएगा ताकि तनाव, चिंता या अवसाद से जूझ रहे लोग आसानी से सहायता प्राप्त कर सकें।
इस सात दिवसीय अभियान के माध्यम से समाज के हर वर्ग, विशेषकर कमजोर और वंचित समूहों तक न्यूनतम मानसिक स्वास्थ्य देखभाल की पहुंच सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि एक स्वस्थ, संवेदनशील और सहयोगी समाज का निर्माण हो सके।




