Patna: बिहार सरकार ने राज्य में एक दिन में 211 नए डिग्री कॉलेज खोलकर एक नया इतिहास रच दिया है। इसके साथ ही बिहार देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां एक ही तिथि में इतने बड़ी संख्या में नए डिग्री कॉलेज खोले गए हैं। इन नए महाविद्यालयों के खुलने के बाद राज्य में अब अंगीभूत कॉलेजों की कुल संख्या बढ़कर 483 हो गई है, जिसे सरकार की एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।
प्रखंड स्तर तक उच्च शिक्षा की पहुंच
विदित हो कि बिहार से झारखंड के अलग होने के बाद राज्य में अंगीभूत महाविद्यालयों की संख्या घटकर 272 रह गई थी। इनमें से अधिकांश कॉलेज जिला मुख्यालयों में स्थित थे, जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को स्नातक की पढ़ाई के लिए घर से दूर जाना पड़ता था। इससे विद्यार्थियों का समय बर्बाद होने के साथ-साथ किराए के मकान का खर्च उठाने जैसी आर्थिक कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ता था, जिससे खासकर छात्राओं को भारी परेशानी होती थी। इस समस्या को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने प्रखंड स्तर तक स्नातक की शिक्षा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया।
सात निश्चय-3 के तहत खुला नया रास्ता
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य के कुल 534 प्रखंडों में से 211 प्रखंड ऐसे थे जहां एक भी महाविद्यालय नहीं था। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने ‘सात निश्चय-3’ के चौथे निश्चय ‘उन्नत शिक्षा उज्ज्वल भविष्य’ के तहत डिग्री कॉलेज विहीन प्रखंडों में नए कॉलेज खोलने का संकल्प लिया। इसके बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर एक ही दिन में इन 211 प्रखंडों में राजकीय महाविद्यालयों की शुरुआत कर दी गई। वर्तमान में इन नवसृजित महाविद्यालयों में शुरुआती तौर पर 6 प्रमुख विषयों की पढ़ाई शुरू की गई है, जिन्हें आने वाले समय में और बढ़ाया जाएगा।
शिक्षकों के लिए ऑक्सफोर्ड प्रशिक्षण का ऐलान
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। नवसृजित महाविद्यालयों में नियुक्त किए गए शिक्षकों में से 100 शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण के लिए लंदन स्थित प्रतिष्ठित ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय भेजा जाएगा। हाल ही में पटना में आयोजित 2452 नवनियुक्त शिक्षकों के उन्मुखीकरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा विभाग को इसके लिए प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए थे।



