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Bhiwandi Building Collapse: सो रहे थे लोग, तभी भरभराकर गिरी इमारत; 8 की मौत; कई फंसे

महाराष्ट्र के भिवंडी में गुरुवार देर रात चार मंजिला इमारत गिरने से 8 लोगों की मौत हो गई। एनडीआरएफ को मलबे में अभी 2 से 3 लोगों के फंसे होने की आशंका है।
महाराष्ट्र: भिवंडी में चार मंज़िला इमारत गिरी; छह लोगों की मौत, बचाव कार्य जारी।
महाराष्ट्र: भिवंडी में चार मंज़िला इमारत गिरी; छह लोगों की मौत, बचाव कार्य जारी।

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Bhiwandi: महाराष्ट्र के भिवंडी में गुरुवार देर रात एक चार मंजिला इमारत (Bhiwandi Building Collapse) अचानक गिर गई। एनडीआरएफ के अनुसार, हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई है। अधिकारियों को आशंका है कि मलबे के नीचे अभी भी दो से तीन लोग फंसे हो सकते हैं। घटनास्थल पर बचाव अभियान जारी है।

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बताया जा रहा है कि इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था। खतरे का अंदेशा होने पर वहां काम कर रहे कई मजदूर पहले ही इमारत खाली कर चुके थे। माना जा रहा है कि इसी वजह से हादसे के समय अंदर लोगों की संख्या कम थी।

पहली मंजिल से कूदकर बचाई जान

हादसे में बचे दीपक कुमार यादव ने बताया कि पास की एक इमारत के खंभों पर मरम्मत का काम चल रहा था। रात का खाना खाने के बाद सभी सो गए थे, तभी अचानक इमारत गिरने की जोरदार आवाज सुनाई दी। उन्होंने कहा, “जब हम बाहर भागे, तो हर तरफ अफरा-तफरी मची हुई थी। अपनी जान बचाने के लिए मैं पहली मंजिल से कूद गया।” एक अन्य पीड़िता संगीता प्रजापति ने बताया कि वह पार्किंग एरिया में खड़ी थीं, तभी उन्हें इमारत के चटकने की आवाज सुनाई दी। उन्होंने भागने की कोशिश की, लेकिन उसी दौरान इमारत गिर गई और वह घायल हो गईं।

हादसे के बाद से रंजीत सिंह लापता

स्थानीय निवासी नेहा सिंह हादसे के बाद से अपने पति रंजीत सिंह की तलाश कर रही हैं। उन्होंने बताया कि उनके पति कुछ चेक करने की बात कहकर नीचे गए थे और करीब 10 मिनट बाद ही इमारत गिर गई। नेहा सिंह ने कहा, “यह घटना रात करीब 11:30 बजे हुई। वहां कुछ काम चल रहा था। मेरी तबीयत ठीक नहीं थी, इसलिए मैं ऊपर ही रुकी हुई थी। मेरे पति रंजीत सिंह हादसे के बाद से लापता हैं। उनका फोन बज रहा है, लेकिन वह जवाब नहीं दे रहे हैं।”

इमारत में थे करीब 25 से 30 लोग

अभय कुमार यादव ने बताया कि रात के खाने के बाद वह अपने कमरे में थे। अचानक तेज आवाज सुनाई दी तो उन्होंने बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन कोई साफ रास्ता नहीं मिला। उन्होंने बताया कि जान बचाने के लिए वह पहली मंजिल से कूद गए, जिससे उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया। बाद में स्थानीय लोग सीढ़ी लेकर पहुंचे और अन्य लोगों को सुरक्षित नीचे उतारा गया। अभय कुमार यादव के मुताबिक, हादसे के समय इमारत में करीब 25 से 30 लोग मौजूद थे। इमारत में लगभग 45 कमरे हैं।

मलबे में 2 से 3 लोगों की तलाश

एनडीआरएफ के मुताबिक, हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है। अधिकारियों को आशंका है कि मलबे के नीचे अभी भी दो से तीन लोग फंसे हो सकते हैं। घटनास्थल पर बचाव अभियान जारी है और मलबे में फंसे लोगों की तलाश की जा रही है।

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