फॉण्ट कनवर्टर NEW

गंडक नदी में बाढ़ के खतरे को लेकर पश्चिम चंपारण में अलर्ट, मंत्री ने की बैठक

Bettiah: नेपाल में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लो (GLOF) के चलते नारायणी नदी के जलस्तर में वृद्धि और गंडक नदी में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए पश्चिम चंपारण जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। इस स्थिति से निपटने की तैयारियों,

अपनी भाषा में पढ़ें

Bettiah: नेपाल में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लो (GLOF) के चलते नारायणी नदी के जलस्तर में वृद्धि और गंडक नदी में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए पश्चिम चंपारण जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। इस स्थिति से निपटने की तैयारियों, तटबंधों की मजबूती और राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा के लिए बेतिया समाहरणालय सभागार में राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिलाधिकारी तरनजोत सिंह सहित जिले के सभी वरीय प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा

आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा ने प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार हर नागरिक की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, जन-धन का नुकसान शून्य रखना लक्ष्य है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में वाल्मीकिनगर बैराज से छोड़े जाने वाले पानी के डिस्चार्ज और गंडक नदी के जलस्तर पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। जल संसाधन विभाग के अभियंताओं को संवेदनशील व अति-संवेदनशील तटबंधों पर बालू की बोरियों, बोल्डर और नायलॉन क्रेट जैसी फ्लड-फाइटिंग सामग्री के साथ मुस्तैद रहने को कहा गया है।

Read more: गंडक का जलस्तर बढ़ा, सारण समेत सभी महत्वपूर्ण तटबंधों पर चौकसी

बगहा, पिपरासी, मधुबनी, बैरिया, नौतन और ठकराहा जैसे संवेदनशील प्रखंडों में एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमों को नावों, लाइफ जैकेट और गोताखोरों के साथ हाई अलर्ट पर रखा गया है। साथ ही सूखा राशन, चूड़ा-गुड़, ओआरएस, पॉलीथिन और शुद्ध पेयजल जैसी राहत सामग्रियों का अग्रिम भंडारण कर लिया गया है। स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी-स्नेक वेनम व जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

दियारा और निचले इलाकों के लोगों के लिए बाढ़ शरण स्थलों व स्कूलों को तैयार रखने और आवश्यकता पड़ने पर सामुदायिक रसोई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। मवेशियों के लिए ऊंचे स्थानों पर शिविर, चारा और टीकाकरण की व्यवस्था की गई है। प्रभावितों को जीआर राशि डीबीटी से सीधे खाते में भेजने की तैयारी है तथा जिला व प्रखंड स्तर पर 24 घंटे आपदा नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिए गए हैं।

Read more: गंडक के कटाव पर फुल एक्शन, दिन-रात जुटा विभाग; हालात पर नजर

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
Picture of Samsul Haque

Samsul Haque

Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor