Bagaha: पश्चिम चंपारण जिले के मधुबनी प्रखंड की चिउरही पंचायत में गंडक नदी के कटाव को लेकर जल संसाधन विभाग ने स्थिति स्पष्ट की है। विभाग के मुताबिक नदी की धारा का रुख चिउरही और रेहड़िया गांवों की ओर होने तथा जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव के कारण करीब तीन किलोमीटर क्षेत्र में कटाव की स्थिति बनी हुई है। प्रभावित क्षेत्र में विभाग की निगरानी के साथ दिन-रात बचाव एवं सुरक्षात्मक कार्य जारी है।
गंडक की धारा गांवों की ओर मुड़ी
विभागीय प्रतिवेदन के अनुसार गंडक नदी का झुकाव पूरी तरह रेहड़िया और चिउरही गांव की तरफ हो गया है। इसके चलते नदी किनारे कटाव तेज हुआ है। विभाग ने बताया कि कटाव की वजह से एक सरकारी विद्यालय और पैक्स गोदाम के नदी में विलीन होने की जानकारी मिली है। नदी के जलस्तर और धारा में लगातार बदलाव के कारण कटाव की स्थिति में अभी अपेक्षित स्थिरता नहीं आ सकी है। इसके बावजूद उपलब्ध संसाधनों के साथ बचाव कार्य लगातार चलाया जा रहा है।
दिन-रात जारी है बचाव कार्य
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी, बेतिया तथा मुख्य अभियंता, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण, मुजफ्फरपुर के निर्देश पर प्रभावित क्षेत्र में लगातार काम कराया जा रहा है।
बाढ़ संघर्षात्मक बल के परामर्श के अनुसार भी दिन-रात बचाव एवं सुरक्षात्मक कार्य किए जा रहे हैं। विभागीय टीम नदी की धारा और जलस्तर में होने वाले बदलाव पर लगातार नजर बनाए हुए है।
महत्वपूर्ण सड़कों और तटबंध पर भी नजर
विभाग ने बताया कि कटाव प्रभावित क्षेत्र से महत्वपूर्ण संरचनाओं की दूरी भी लगातार निगरानी में रखी जा रही है।
- धनहा-बांसी सड़क: करीब 1.9 किलोमीटर
- चंपारण तटबंध: करीब 3 किलोमीटर
- राष्ट्रीय राजमार्ग: करीब 7 किलोमीटर
विभाग के अनुसार इन संरचनाओं की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर समय रहते सुरक्षात्मक कदम उठाए जा सकें।
स्थिति पर लगातार निगरानी
जल संसाधन विभाग ने कहा है कि चिउरही और रेहड़िया के पास गंडक के कटाव की स्थिति की सतत निगरानी की जा रही है। नदी की धारा और जलस्तर में बदलाव को देखते हुए तकनीकी निर्देशों के अनुसार बचाव कार्य जारी रहेगा।




