Patna: नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद गंडक नदी में संभावित जलप्रवाह को देखते हुए बिहार में बाढ़ की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जल संसाधन विभाग ने सारण तटबंध समेत राज्य के सभी महत्वपूर्ण तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी है। संबंधित अधिकारियों को अलर्ट रहने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है।
गंडक के बढ़ते जलस्तर पर विभाग की नजर
नेपाल में आई बाढ़ का पानी गंडक नदी में आने की आशंका को देखते हुए जल संसाधन विभाग लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है। संभावित बाढ़ से गोपालगंज, सारण और मुजफ्फरपुर जिले प्रभावित हो सकते हैं। इसे देखते हुए इन जिलों में स्थित तटबंधों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। विभाग की ओर से अधिकारियों को तटबंधों की नियमित निगरानी करने और किसी भी तरह की स्थिति सामने आने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया है।
गंडक बराज पर तकनीकी टीम तैनात
संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जल संसाधन विभाग ने मुख्यालय स्तर से गंडक बराज पर अधीक्षण अभियंता के नेतृत्व में तकनीकी दल तैनात किया है। यह टीम गंडक नदी और बराज से जुड़ी स्थिति की निगरानी करेगी। मुख्यालय स्तर से भी नदी के जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों को तटबंधों की सुरक्षा को लेकर विशेष चौकसी बरतने को कहा गया है।
गंडक बराज के 36 गेट खोले गए
नेपाल से आने वाले संभावित बाढ़ के पानी के दबाव को कम करने के लिए गंडक बराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं। विभाग के अनुसार, इससे नेपाल से आने वाले पानी के निकासी में मदद मिलेगी। जल संसाधन विभाग का फोकस फिलहाल सारण तटबंध सहित गंडक नदी से प्रभावित होने वाले सभी महत्वपूर्ण तटबंधों की सुरक्षा पर है।
आपात स्थिति के लिए अधिकारियों को अलर्ट
विभाग की ओर से संबंधित अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है। मुख्यालय स्तर से भी स्थिति की मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि संभावित बाढ़ की स्थिति में राहत और सुरक्षा से जुड़े जरूरी कदम समय पर उठाए जा सकें। फिलहाल गंडक नदी के जलस्तर और नेपाल से आने वाले पानी की स्थिति पर विभाग की नजर बनी हुई है।




