Jamshedpur.
एग्रिको–गोलमुरी मुख्य सड़क पर सड़क दुर्घटना में दो महिलाओं के घायल होने की घटना के बाद शहर की यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आजसू पार्टी के जिला प्रवक्ता अप्पू तिवारी ने नो-एंट्री वाले मार्ग पर भारी वाहनों के आवागमन पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है।
नो-एंट्री में हाइवा की एंट्री पर सवाल
अप्पू तिवारी ने कहा कि एग्रिको और गोलमुरी क्षेत्र में भारी वाहनों से जुड़ी दुर्घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। इसके बावजूद नो-एंट्री वाले मार्ग पर हाइवा जैसे भारी वाहनों का प्रवेश चिंता का विषय है। उन्होंने सवाल किया कि जब इस मार्ग पर बड़े वाहनों के लिए नो-एंट्री लागू है, तो भारी वाहन वहां कैसे पहुंच रहे हैं।
नो-एंट्री पास की हो जांच
उन्होंने बताया कि दुर्घटना में शामिल हाइवा चालक द्वारा नो-एंट्री पास दिखाए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में यह जांच जरूरी है कि पास किस विभाग या अधिकारी ने जारी किया, किस आधार पर जारी किया गया और उसकी वैधता क्या थी।
अप्पू तिवारी ने कहा कि यदि नो-एंट्री क्षेत्र में भारी वाहनों के प्रवेश के लिए विशेष पास जारी किए जाते हैं, तो उनकी व्यवस्था पारदर्शी होनी चाहिए। किन वाहनों को पास दिया गया, किस अधिकारी ने अनुमति दी और किस अवधि के लिए अनुमति दी गई, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
दुर्घटना की जिम्मेदारी तय करने की मांग
उन्होंने कहा कि यदि नो-एंट्री पास के आधार पर प्रवेश करने वाला कोई भारी वाहन दुर्घटना का कारण बनता है, तो इसकी जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। वाहन चालक और मालिक के साथ-साथ अनुमति जारी करने की प्रक्रिया की भी जांच होनी चाहिए।
प्रशासन से छह सूत्री मांग
अप्पू तिवारी ने प्रशासन और यातायात विभाग से एग्रिको–गोलमुरी मार्ग पर नो-एंट्री व्यवस्था सख्ती से लागू करने, भारी वाहनों को जारी नो-एंट्री पास की जांच करने और पास जारी करने की प्रक्रिया स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने दुर्घटना स्थल पर सड़क सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम, नियमों का उल्लंघन करने वाले भारी वाहनों के खिलाफ कार्रवाई तथा मार्ग पर नियमित निगरानी सुनिश्चित करने की भी मांग की।
उन्होंने कहा, “जनता की जान से बड़ा कोई पास और कोई परमिट नहीं हो सकता।” प्रशासन को दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।




