Pune: पुणे मेट्रो लाइन-3 के वर्चुअल उद्घाटन से ठीक पहले इसके इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन की क्वालिटी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मान मेट्रो स्टेशन के अंदर हुई तेज बारिश के बाद स्टेशन की छत से धड़ाधड़ पानी टपकने लगा और देखते ही देखते पैसेंजर मूवमेंट एरिया में पानी जमा हो गया। सोशल मीडिया पर इस पूरी घटना का वीडियो सामने आते ही तेजी से वायरल हो गया, जिसमें उद्घाटन की तैयारियों के बीच मेट्रो कर्मचारी बाल्टियां लगाकर पानी इकट्ठा करते और पोंछा मारकर फर्श सुखाते हुए साफ नजर आ रहे हैं।
हजारों करोड़ की लागत से तैयार हुआ है कॉरिडोर
This is the condition of Maan Metro Station of Pune Metro Line 3, just two days before it opens on Nov 3! 😡
Is waterproofing not part of the work??
Pathetic @MetroPuneri @OfficialPMRDA https://t.co/9cCioGjK7Z
— Pune (@PuneDistrict) November 1, 2026
बता दें कि पुणे मेट्रो लाइन-3 एक तेईस दशमलव दो किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर है, जिसे करीब आठ हजार तीन सौ तेरह करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर तैयार किया गया है। चार नवंबर से यहाँ आम यात्रियों के लिए मेट्रो सेवाएं शुरू होनी थीं, लेकिन उद्घाटन से ठीक पहले मान स्टेशन के मेजेनाइन लेवल पर छत से गिरते पानी ने सुरक्षा और वॉटरप्रूफिंग के दावों की पोल खोल दी है।
पीएमआरडीए ने दी सफाई
घटना का वीडियो वायरल होने और चौतरफा आलोचनाओं से घिरने के बाद पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) की मुख्य इंजीनियर ने अपनी सफाई पेश की है। उनका दावा है कि स्टेशन के एंट्री स्ट्रक्चर की छत खुली हुई है, जहाँ ड्रेनेज पाइप में अस्थायी रुकावट आ जाने के कारण पानी जमा हो गया था। छत पर पानी भरने के बाद वह ओवरफ्लो होकर स्टेशन बॉक्स और एंट्री स्ट्रक्चर के बीच की खाली जगह से नीचे रिसने लगा। हालांकि, इस आधिकारिक सफाई के बावजूद जनता और विशेषज्ञों के मन में यह सवाल लगातार बना हुआ है कि आखिर उद्घाटन से ठीक पहले पाइप ब्लॉक कैसे हुआ और दोनों स्ट्रक्चर्स के बीच की वॉटरप्रूफिंग व्यवस्था पहली ही बारिश में क्यों फेल हो गई।
सोशल मीडिया पर जनता का फूटा गुस्सा
स्टेशन के अंदर बाल्टी और पोंछा लगाकर पानी साफ करते कर्मचारियों का यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स प्रशासन को आड़े हाथों ले रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि हजारों करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन होने जा रहा है और तैयारी के नाम पर स्टेशन पर बाल्टियां रखनी पड़ रही हैं। जनता का सवाल है कि यदि उद्घाटन से पहले ही यह हाल है, तो मानसून के दौरान भारी बारिश में यात्रियों को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। सुरक्षा प्रमाण पत्र मिलने के बावजूद इस तरह की लापरवाही सीधे तौर पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर बड़ा सवालिया निशान लगाती है।







