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जमीन भी बचेगी, परंपरा भी निभेगी; 9 नवंबर को टंगरा टोली में डाईर जतरा

नौ नवंबर को टंगरा टोली के जतरा टांड़ में लगेगा डाईर जतरा; बैठक में जतरा स्थल की जमीन बचाने और पारंपरिक आयोजन को सफल बनाने पर बनी सहमति

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सिसई (गुमला): प्रखंड के टंगरा टोली स्थित जतरा टांड़ में नौ नवंबर को पारंपरिक डाईर जतरा धूमधाम से लगाया जाएगा। इसकी तैयारी को लेकर पड़हा अध्यक्ष लघुवा उरांव की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें पूर्व आईपीएस सह भाजपा नेता डॉ अरुण उरांव और झारखंड राज्य किसान सभा के राज्य कौंसिल सदस्य मधुवा कच्छप मुख्य रूप से शामिल हुए। बैठक में जतरा के आयोजन और जतरा स्थल की जमीन को बचाने पर चर्चा की गई।

मौके पर डॉ अरुण उरांव ने कहा कि पूर्वजों ने अपनी भाषा, संस्कृति और पारंपरिक जतरा को बचाने के लिए संघर्ष किया है। समाज के लिए जीने और काम करने वाला व्यक्ति ही सच्चा नेता होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भरनो में जतरा स्थल की जमीन बचाने के लिए संघर्ष कर रहे रतिया उरांव को झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। उन्होंने लोगों से एकजुट होकर इस लड़ाई को आगे बढ़ाने और हर हाल में इसी स्थल पर डाईर जतरा आयोजित करने की अपील की।

वहीं, मधुवा कच्छप ने जतरा स्थल की जमीन बचाने के लिए संघर्ष कर रहे लोगों को सहयोग देने और डाईर जतरा के आयोजन में हरसंभव मदद करने की बात कही। बैठक में जुगल उरांव, बिरसा उरांव, मुखिया प्रतिनिधि शिव केशरी, सरिता उरांव, मुखिया सुकेश उरांव, बप्पी उरांव, शनिराम उरांव और चन्द्रदेव उरांव सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष उपस्थित थे।

– रिपोर्टर: सुंदरम कुमार

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