Patna: बिहार विधान परिषद के स्नातक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। गुरुवार को नालंदा विधानसभा क्षेत्र के बिहारशरीफ स्थित विजयावानी जेपी कॉलेज में एनडीए कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। इस संवाद कार्यक्रम में ग्रामीण विकास तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री सह जदयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार, नालंदा सांसद कौशलेंद्र कुमार और विधान परिषद सचेतक रीना यादव प्रमुख रूप से शामिल हुए। बैठक में कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर स्नातक मतदाताओं से सीधा संपर्क साधने का आह्वान किया गया।
उम्मीदवार नहीं, कार्यकर्ता लड़ते हैं चुनाव: श्रवण कुमार
बैठक को संबोधित करते हुए स्थानीय विधायक और मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि यह मुकाबला केवल प्रत्याशी नीरज कुमार का नहीं, बल्कि एनडीए के प्रत्येक समर्पित कार्यकर्ता का चुनाव है। लोकतंत्र में किसी भी चुनावी जीत की असली ताकत कार्यकर्ता ही होते हैं; चुनाव वास्तव में कार्यकर्ता लड़ते हैं और जीतते हैं, उम्मीदवार केवल चेहरा होता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे मतदाता सूची का सघन अध्ययन करें और स्नातक मतदाताओं से सीधे घर-घर जाकर संवाद स्थापित करें। उन्होंने याद दिलाया कि स्नातक मतदाता समाज का एक प्रबुद्ध, शिक्षित और सजग वर्ग है, इसलिए उनके सामने सरकार की नीतियों और विकास कार्यों को ठोस तथ्यों के साथ रखना बेहद जरूरी है।
शिक्षा के बजट और युवा नेतृत्व पर जोर
मंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 के बाद राज्य में शिक्षा के बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व सुधार हुए हैं। बिहार के कुल बजट का लगभग एक तिहाई हिस्सा अकेले शिक्षा पर खर्च किया जा रहा है। आज राज्य के प्रत्येक जिले में इंजीनियरिंग, मेडिकल, पॉलिटेक्निक और आईटीआई कॉलेज स्थापित हो चुके हैं, जबकि अनुमंडल व प्रखंड स्तर तक उच्च शिक्षण संस्थान खोले गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि पूरे राज्य के छात्र और युवा वर्ग मंत्री निशांत कुमार के साथ जुड़कर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार हर तबके के समावेशी विकास के लिए काम कर रही है।
सोनिया गांधी की टिप्पणी और वोटर लिस्ट विवाद पर पलटवार
बैठक के उपरांत पत्रकारों से मुखातिब होते हुए मंत्री श्रवण कुमार ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी द्वारा की गई टिप्पणियों पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनाव से पहले ही हार की हताशा में आधारहीन आरोप लगाने लगा है। विधानसभा चुनावों के समय भी महागठबंधन ने इसी प्रकार का नाटक किया था और अब मतदाता सूची में अनियमितताओं की झूठी बातें फैला रहा है। मंत्री ने चुनौती देते हुए कहा कि यदि विपक्ष के पास मतदाता सूची में गड़बड़ी का कोई भी ठोस प्रमाण है, तो उसे सार्वजनिक करे; चुनावी हार के डर से चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर उंगली उठाना पूरी तरह अनुचित है। सांसद कौशलेंद्र कुमार और विधान पार्षद रीना यादव ने भी विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अनर्गल बयानों से महागठबंधन को कोई राजनीतिक फायदा नहीं होने वाला है।




