रांची: झारखंड में घरेलू LPG सिलेंडर का व्यावसायिक और अवैध इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ जिला स्तर पर कार्रवाई तेज की जाएगी। खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव राजेश कुमार शर्मा ने इस संबंध में सभी जिलों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
गाइडलाइन के अनुसार, घरेलू गैस के दुरुपयोग की पहचान, जांच और कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन और तेल कंपनियां मिलकर काम करेंगी। सभी उपायुक्तों को अपने-अपने जिलों में घरेलू LPG के व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया है।
होटल-ढाबा और रेस्टोरेंट की होगी जांच
घरेलू LPG के व्यावसायिक इस्तेमाल की जांच के लिए होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकान, कैंटीन, मैरिज हॉल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जाएगा।
जांच के दौरान अगर किसी प्रतिष्ठान में घरेलू LPG सिलेंडर का व्यावसायिक इस्तेमाल पाया जाता है, तो नियम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। जांच में सिलेंडरों की संख्या और कनेक्शन से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी।
तेल कंपनियों के साथ समन्वय के निर्देश
तेल विपणन कंपनियों को अपने डीलरों के माध्यम से घरेलू LPG के गलत इस्तेमाल पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है। ऐसे मामलों की जानकारी जिला प्रशासन को भी उपलब्ध करानी होगी।
विभाग ने कहा है कि घरेलू गैस के दुरुपयोग को रोकने के लिए जिला प्रशासन, संबंधित विभाग और तेल कंपनियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
उपभोक्ताओं को भी किया जाएगा जागरूक
घरेलू LPG के व्यावसायिक इस्तेमाल से जुड़े नियमों की जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। जिला प्रशासन, विभागीय अधिकारी और LPG कंपनियां मिलकर लोगों को नियमों और संभावित कार्रवाई के बारे में जानकारी देंगी।
हर महीने कार्रवाई की होगी समीक्षा
जिलों में की गई कार्रवाई की हर महीने समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों को निरीक्षण, अनधिकृत इस्तेमाल, की गई कार्रवाई, जब्त या अभिरक्षित सिलेंडरों और लंबित मामलों की जानकारी विभाग को भेजनी होगी।
विभाग ने सभी अधिकारियों और तेल कंपनियों को जारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।



