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पत्नी की बेवफाई: शादी के 50 साल बाद खुला राज…, तीनों बच्चे निकले किसी और के!

Social News: अमेरिका में 50 साल से विवाहित एक बुजुर्ग दंपति के जीवन का चौंकाने वाला सच सामने आया है। सालों बाद पति को पता चला कि जिन तीन बच्चों को वह अपना समझता रहा, वहीं उसके नहीं हैं। अदालत में पेश हुई डीएनए रिपोर्ट

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Social News: अमेरिका में 50 साल से विवाहित एक बुजुर्ग दंपति के जीवन का चौंकाने वाला सच सामने आया है। सालों बाद पति को पता चला कि जिन तीन बच्चों को वह अपना समझता रहा, वहीं उसके नहीं हैं। अदालत में पेश हुई डीएनए रिपोर्ट ने पत्नी की बेवफाई का खुलासा किया और पति का भरोसा पूरी तरह तोड़ दिया।

वीडियो में बुजुर्ग व्यक्ति अदालत में खड़े होकर अपने दर्द का इज़हार करता दिखता है। उसका कहना था कि वह खुद आकर्षक व्यक्तित्व का मालिक है, लेकिन उसके बच्चे न तो शक्ल-सूरत में उससे मिलते हैं और न ही उनके स्वभाव में कोई समानता है। उसने व्यंग्य करते हुए कहा कि जैसे बच्चे “गली से उठाकर लाए गए हों।” शुरू में पत्नी ने इस आरोप को सिरे से नकार दिया और अपनी वफादारी का दावा किया, लेकिन जैसे ही डीएनए रिपोर्ट पढ़ी गई, सच्चाई सामने आ गई तीनों बच्चे जैविक रूप से उस व्यक्ति के नहीं थे।

पति के मुताबिक, उसे वर्षों से शक था, लेकिन उसने इसे नज़रअंदाज़ किया। आखिरकार 50 साल की शादी के बाद उसने सच्चाई जानने के लिए डीएनए टेस्ट करवाने का फैसला किया। नतीजों ने न केवल यह साबित किया कि बच्चे उसके नहीं थे, बल्कि यह भी सामने आया कि शादी के दौरान पत्नी ने किसी और से संबंध बनाए थे। इस खुलासे ने उसके पूरे वैवाहिक जीवन की नींव हिला दी। यह मामला पैटर्निटी फ्रॉड यानी पितृत्व धोखाधड़ी का उदाहरण है जब कोई महिला जानबूझकर गलत व्यक्ति को बच्चे का पिता बताती है। यह भावनात्मक, आर्थिक और कानूनी तीनों स्तरों पर गंभीर परिणाम ला सकता है।

कुछ देशों, जैसे ऑस्ट्रेलिया में, ऐसे मामलों में पुरुषों को आर्थिक मुआवजा मिल सकता है। उदाहरण के तौर पर, 2002 में विक्टोरियन काउंटी कोर्ट ने लियाम नील मैगिल को 70,000 डॉलर लौटाने का आदेश दिया था, जब पता चला कि उनके तीन बच्चों में से सिर्फ एक ही उनका था। हालांकि, अमेरिका में इस तरह के मामलों में राहत पाना आसान नहीं है। कई राज्यों में पैटर्निटी फ्रॉड पर सख्त कानून नहीं हैं और अदालतें अक्सर बच्चों के हित को प्राथमिकता देती हैं। इस मामले में भी कोर्ट ने पति के आरोप को सही तो माना, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि उसे किसी तरह का मुआवजा मिलेगा या नहीं। सोशल मीडिया पर यह वीडियो बहस का विषय बना हुआ है।

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