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मतदाता सूची सुधार अभियान (SIR) : दोहरी प्रविष्टियाँ हटेंगी, नए योग्य मतदाताओं के नाम जुड़ेंगे

Ranchi : मतदाता सूची को अधिक सटीक, त्रुटिरहित और अद्यतन करने के उद्देश्य से चुनाव आयोग द्वारा Special Intense Revision यानी SIR अभियान चलाया जा रहा है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य देश भर की वोटर लिस्ट में मौजूद गलतियों को सुधारना, दोहरी प्रविष्टियों को

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Ranchi : मतदाता सूची को अधिक सटीक, त्रुटिरहित और अद्यतन करने के उद्देश्य से चुनाव आयोग द्वारा Special Intense Revision यानी SIR अभियान चलाया जा रहा है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य देश भर की वोटर लिस्ट में मौजूद गलतियों को सुधारना, दोहरी प्रविष्टियों को हटाकर एक ही नाम को मान्य रखना और नए योग्य मतदाताओं का नाम शामिल करना है।

SIR अभियान के तहत उन लोगों की पहचान की जा रही है जिनका नाम मतदाता सूची में एक से अधिक बार है, या जिन्होंने अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों में नाम जुड़वा रखा है। ऐसे मामलों में सभी अतिरिक्त प्रविष्टियाँ हटाई जाएँगी और केवल एक नाम ही सूची में रखा जाएगा। SIR फॉर्म भरने के लिए किसी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि इसमें वर्ष 2003 की मतदाता सूची में व्यक्ति, माता-पिता या रिश्तेदार के नाम का कॉलम पहले से उपलब्ध है।

हालाँकि, ऐसे लोग जिनका नाम 2003 की सूची में भी नहीं है और जिनके माता-पिता या रिश्तेदार का नाम भी उपलब्ध नहीं है, उन्हें नोटिस मिलने पर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। ऐसे मामले सामान्यतः उन लोगों के होते हैं जो 20–30 वर्ष पहले दूसरे राज्य से आकर बसे हैं तथा जिनका पुराना रिकॉर्ड अब उपलब्ध नहीं है।

जुनैद आलम, प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी

नागरिकता नियमों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति का जन्म 1 जुलाई 1987 से पहले हुआ है, तो वह स्वतः भारत का नागरिक माना जाता है, चाहे उसके माता-पिता भारतीय हों या नहीं। वहीं 1 जुलाई 1987 से लेकर 2 दिसंबर 2004 तक पैदा हुए लोगों के लिए अलग नियम लागू होते हैं। 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे व्यक्ति को भारतीय नागरिक माने जाने के लिए उसके माता-पिता दोनों का भारतीय होना आवश्यक है।

उन युवा मतदाताओं का नाम जोड़ने के लिए, जिनका जन्म 1 जुलाई से 2 दिसंबर 2004 के बीच हुआ है और जिनका कोई पारिवारिक नाम 2003 की सूची में नहीं है, दो दस्तावेज- एक स्वयं का और एक माता-पिता/रिश्तेदार का देना होगा। वहीं 2 फरवरी 2004 के बाद जन्मे और जिनके परिवार का नाम सूची में नहीं है, उन्हें तीन दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

जिन लोगों को दस्तावेज देने होंगे, वे इन 11 मान्य प्रमाणों में से कोई एक जमा कर सकते हैं-पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र, मैट्रिक प्रमाण पत्र, सरकारी पहचान पत्र, स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र, वन अधिकार पत्र, जाति प्रमाण पत्र, NRC रिकॉर्ड, पारिवारिक रजिस्टर, सरकारी भूमि आवंटन पत्र या 1 जुलाई 1987 से पहले जारी बैंक/पोस्ट ऑफिस/LIC दस्तावेज।

SIR अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह साफ-सुथरी, सटीक और अद्यतन बनाना है, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में किसी प्रकार की त्रुटि या दोहराव न रहे।

लेखक-जुनैद आलम, प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी, जमीअतुल मोमेनीन चौरासी, रांची, झारखण्ड।

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