रांची: रांची जिले के सरकारी और सहायता प्राप्त (अल्पसंख्यक सहित) स्कूलों के शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों की लापरवाही पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) सह जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, रांची की ओर से जारी कड़े दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब सभी शिक्षकों को ई-विद्यावाहिनी (EVV) ऐप के ‘टीचर मॉड्यूल’ में प्रतिदिन अपनी हाजिरी दर्ज कर उसी दिन शाम तक डाटा सिंक (Sync) करना अनिवार्य होगा।
समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई विद्यालयों में शिक्षक नियमित ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं कर रहे हैं, वहीं अल्पसंख्यक और सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षक बिना पोर्टल से आवेदन किए या बिना ऑनलाइन स्वीकृति के ही छुट्टियां ले रहे हैं। इस व्यवस्था से जिले की समग्र रैंकिंग और उपलब्धि प्रभावित हो रही है।
देर से आने वालों पर सख्त कार्रवाई, कटेगी छुट्टी
विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के नियमों के तहत, यदि कोई शिक्षक लगातार तीन दिन विद्यालय में देरी से (Late Entry) पहुंचता है, तो उसका 1 दिन का आकस्मिक अवकाश (Casual Leave) काट लिया जाएगा। प्रधानाध्यापकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि कोई भी शिक्षक न तो स्कूल में लेट एंट्री करे और न ही समय से पहले (Early Exit) स्कूल से बाहर निकले।
ऑनलाइन छुट्टी लेना और देना अनिवार्य
अब कोई भी शिक्षक ऑफलाइन या मौखिक तौर पर छुट्टी नहीं ले सकेगा। शिक्षकों को ई-विद्यावाहिनी ऐप के जरिए ही अवकाश का आवेदन जमा करना होगा और प्रधानाध्यापक को पोर्टल के माध्यम से ही उसे अप्रूव करना होगा। शिक्षकों और छात्रों की शत-प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति और छुट्टियों की स्वीकृति सुनिश्चित कराने की पूरी जवाबदेही विद्यालय के प्रधानाध्यापक की होगी।
वेतन और मानदेय भुगतान के लिए नया नियम
हर महीने शिक्षकों का वेतन जारी करने या सहायक अध्यापकों (पारा शिक्षकों) के मानदेय भुगतान से पहले प्रधानाध्यापकों और निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों (DDO) को ई-विद्यावाहिनी से जुड़ा प्रमाण-पत्र देना होगा। प्रमाण-पत्र में यह प्रमाणित करना होगा कि संबंधित स्कूल के सभी शिक्षकों और छात्रों ने पूरे कार्य दिवसों में ई-विद्यावाहिनी ऐप पर शत-प्रतिशत हाजिरी दर्ज की है। बीआरसी (BRC) स्तर पर पारा शिक्षकों की उपस्थिति सत्यापित होने के बाद ही मानदेय का भुगतान संभव हो सकेगा। नियम का उल्लंघन करने या हाजिरी न बनाने वाले शिक्षकों व प्रधानाध्यापकों से प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (BEEO) द्वारा स्पष्टीकरण (Show Cause) मांगा जाएगा।





