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दो मालगाड़ियों की भीषण टक्कर, टाटानगर-बोकारो रूट 24 घंटे तक ठप

Seraikela Kharsawan News : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल में शनिवार सुबह एक भीषण रेल हादसा हुआ, जिसमें दो मालगाड़ियां आमने-सामने टकरा गईं। यह घटना चांडिल रेलवे स्टेशन से लगभग दो किलोमीटर दूर, पोल संख्या 375/22 के पास सुबह करीब 4:15 बजे घटी। टक्कर इतनी जोरदार

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Seraikela Kharsawan News : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल में शनिवार सुबह एक भीषण रेल हादसा हुआ, जिसमें दो मालगाड़ियां आमने-सामने टकरा गईं। यह घटना चांडिल रेलवे स्टेशन से लगभग दो किलोमीटर दूर, पोल संख्या 375/22 के पास सुबह करीब 4:15 बजे घटी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों ट्रेनों के कई डिब्बे पटरी से उतर गए और लोकोमोटिव के परखच्चे उड़ गए। हादसे के बाद मलबा ट्रैक पर फैल गया, जिससे अप और डाउन दोनों लाइनों पर रेल यातायात पूरी तरह से ठप हो गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक मालगाड़ी टाटानगर से बोकारो की ओर जा रही थी, जबकि दूसरी बोकारो से टाटानगर की दिशा में आ रही थी। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि सिग्नलिंग सिस्टम में तकनीकी खामी के कारण यह भीषण दुर्घटना हुई। टक्कर के बाद गूंजते धमाके से आसपास के ग्रामीण जाग गए और तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्य में जुट गए।

दुर्घटना की सूचना मिलते ही दक्षिण-पूर्व रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, दुर्घटना राहत ट्रेन और मेडिकल टीम मौके पर पहुंच गई। भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य तेजी से शुरू किया गया। हादसे में चालक दल के कुछ सदस्यों को मामूली चोटें आईं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि हादसे के चलते चांडिल-टाटानगर और चांडिल-बोकारो रूट पर सभी यात्री और मालगाड़ियों का परिचालन तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। कई ट्रेनों को डायवर्ट या शॉर्ट-टर्मिनेट किया गया है। यात्रियों को किसी भी असुविधा से बचाने के लिए स्टेशनों पर हेल्पडेस्क स्थापित किए गए हैं और लगातार अनाउंसमेंट के जरिए अपडेट दिया जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, ट्रैक बहाली में कम से कम 24 घंटे का समय लग सकता है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि अनावश्यक यात्रा से बचें और किसी भी जानकारी के लिए रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन नंबर का उपयोग करें। हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं, जबकि इस दुर्घटना के कारण माल परिवहन पर भी गंभीर असर पड़ा है।

स्थानीय प्रशासन और रेलवे विभाग की टीमें राहत और पुनर्बहाली कार्य में लगातार जुटी हुई हैं। यह हादसा एक बार फिर रेलवे के सिग्नलिंग सिस्टम की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है, जिसकी गहन जांच जरूरी है।

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