Hazaribagh: जिले में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और आगामी ईद-उल-मिलाद पर्व को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर मंगलवार को अपराध समीक्षा बैठक हुई। पुलिस अधीक्षक हजारीबाग की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिले के सभी पुलिस उपाधीक्षक, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस निरीक्षक और थाना प्रभारी शामिल हुए। एसपी ने थाना स्तर पर अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए। ईद-उल-मिलाद को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखने और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल को तैयार रखने को कहा गया। वहीं जिले में बेहतर कार्य करने वाले पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। एसपी ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए इसी तरह कर्तव्यनिष्ठा से काम करने के लिए प्रोत्साहित किया।
महिला अपराध और POCSO मामलों पर प्राथमिकता
बैठक में महिला अत्याचार, छेड़खानी, दुष्कर्म और POCSO से जुड़े लंबित कांडों की विशेष समीक्षा की गई। एसपी ने इन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए 60 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके अलावा वर्ष 2025 से पहले के लंबित कांडों का भी जल्द निष्पादन करने को कहा गया। पुलिस के अनुसार, हजारीबाग जिले के विभिन्न थानों में जुलाई 2026 में कुल 317 कांड दर्ज किए गए, जबकि 668 कांडों का निष्पादन हुआ। इस दौरान 1225 वारंट एवं कुर्की का निष्पादन किया गया। साथ ही 1749 पासपोर्ट मामलों का भी निष्पादन किया गया। एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को लंबित जमानती और गैर-जमानती वारंट, इश्तेहार तथा कुर्की-जब्ती के मामलों के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया।
हर सप्ताह होगा थाना दिवस
जमीन विवादों के समाधान के लिए सभी थाना प्रभारियों को हर सप्ताह थाना दिवस आयोजित करने का निर्देश दिया गया। इस दौरान स्थानीय अंचलाधिकारी के साथ बैठक कर जमीन से जुड़े मामलों का नियमानुसार समाधान कराने को कहा गया। साथ ही साइबर अपराध, महिला सुरक्षा और सड़क सुरक्षा को लेकर आम लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।
नशीले पदार्थों और साइबर अपराध पर सख्ती
एसपी ने जिले में अवैध मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री वाले स्थानों को चिह्नित करने और इसमें शामिल लोगों की पहचान कर विशेष अभियान चलाने को कहा। ऐसे मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साइबर अपराध से जुड़े लंबित कांडों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी पर भी जोर दिया गया।
अवैध खनन और संगठित अपराध पर कार्रवाई
संगठित अपराध गिरोहों, अवैध खनन में शामिल लोगों और साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। ऐसे लोगों के विरुद्ध CCA, थाना हाजिरी और गुंडा पंजी के लिए प्रस्ताव भेजने को कहा गया। अवैध कोयला, बालू और पत्थर उत्खनन पर रोक लगाने के लिए संबंधित अंचल अधिकारियों और जिला खनन पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
जेल से बाहर आए अपराधियों पर भी नजर
एसपी ने पिछले पांच वर्षों में जेल से बाहर आए अपराधकर्मियों की सूची तैयार कर उन्हें चिह्नित करने और उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखने को कहा। सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में आम लोगों की समस्याएं सुनकर उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया। बैठक के दौरान एसपी ने स्पष्ट किया कि अपराध नियंत्रण के साथ आम जनता के प्रति पुलिस की जवाबदेही और बेहतर पुलिसिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।




