फॉण्ट कनवर्टर NEW

8 दिन में बदला खेल: संजू सैमसन के आगे झुके सूर्यकुमार

Kolkata: कोलकाता में रविवार रात खेला गया टी20 विश्व कप 2026 का सुपर-8 मुकाबला भारतीय क्रिकेट के लिए यादगार बन गया। भारत ने वेस्टइंडीज को 5 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली, लेकिन इस जीत की सबसे बड़ी कहानी विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन

अपनी भाषा में पढ़ें

Kolkata: कोलकाता में रविवार रात खेला गया टी20 विश्व कप 2026 का सुपर-8 मुकाबला भारतीय क्रिकेट के लिए यादगार बन गया। भारत ने वेस्टइंडीज को 5 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली, लेकिन इस जीत की सबसे बड़ी कहानी विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन के इर्द-गिर्द घूमती रही।

मैच खत्म होने के बाद का दृश्य भी कम दिलचस्प नहीं था। जब सैमसन जीत दिलाकर पवेलियन लौटे तो कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टोपी उतारकर और सिर झुकाकर उनका अभिवादन किया। यह वही टीम मैनेजमेंट था, जिसने आठ दिन पहले तक उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह देने को लेकर हिचक दिखाई थी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठा था सवाल

विश्व कप की शुरुआत में भारत ओपनिंग में ईशान किशन और अभिषेक शर्मा के साथ उतर रहा था। अभिषेक ग्रुप स्टेज में लगातार तीन बार शून्य पर आउट हुए। नामीबिया के खिलाफ संजू को मौका मिला और उन्होंने 8 गेंदों में 22 रन बनाकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। इसके बावजूद पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में उन्हें फिर बाहर बैठना पड़ा।

22 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सुपर-8 मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में सूर्यकुमार यादव से पूछा गया कि क्या संजू को मौका मिल सकता है? कप्तान ने मुस्कुराते हुए कहा था कि क्या आप चाहते हैं कि मैं उन्हें अभिषेक या तिलक वर्मा की जगह खिलाऊं? उस मैच में भारत हार गया और सेमीफाइनल की राह कठिन हो गई।

जिम्बाब्वे मैच से बदला समीकरण

26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबला ‘करो या मरो’ जैसा था। टीम में बदलाव की जरूरत महसूस हो रही थी। रिंकू सिंह अपने बीमार पिता को देखने अस्पताल गए थे, ऐसे में सैमसन को मौका मिला और उन्हें ओपनिंग की जिम्मेदारी दी गई।

सैमसन ने 15 गेंदों में 24 रन बनाए। पारी लंबी नहीं थी, लेकिन शुरुआत आक्रामक थी। इसी तेज शुरुआत की बदौलत भारत बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल रहा और मैच जीत लिया। यहीं से टीम मैनेजमेंट का भरोसा उनके पक्ष में झुकने लगा।

वेस्टइंडीज के खिलाफ निर्णायक पारी

1 मार्च को वेस्टइंडीज ने भारत के सामने 196 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। शुरुआत में भारतीय बल्लेबाजी लड़खड़ा गई। अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा और हार्दिक पांड्या एक-एक कर पवेलियन लौट गए। स्कोरबोर्ड पर दबाव साफ दिख रहा था।

लेकिन एक छोर पर सैमसन मजबूती से टिके रहे। उन्होंने गेंदबाजों पर दबाव बनाया और स्ट्राइक रोटेट करते हुए बड़े शॉट भी लगाए। 50 गेंदों में 12 चौके और 4 छक्कों की मदद से उन्होंने नाबाद 97 रन ठोक दिए। जब जीत के लिए आखिरी कुछ रन चाहिए थे, तब उन्होंने लगातार छक्का और चौका लगाकर मैच खत्म किया। भारत ने 19.2 ओवर में 199/5 बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

अगर उस समय सैमसन क्रीज पर नहीं टिके होते तो शायद नतीजा अलग होता। यही वजह रही कि ड्रेसिंग रूम में उनके लिए सम्मान साफ दिखा।

आठ दिन में पूरी कहानी बदल गई

सिर्फ आठ दिन पहले तक सवाल उठ रहे थे कि क्या उन्हें मौका मिलेगा। लेकिन प्रदर्शन ने सारी बहस खत्म कर दी। क्रिकेट में यही खूबसूरती है — यहां जवाब बल्ले से दिया जाता है।

संजू सैमसन ने इस टूर्नामेंट में सिर्फ रन नहीं बनाए, बल्कि अपनी जगह भी पक्की कर ली। सेमीफाइनल में अब भारत की नजर खिताब पर है, और टीम को उम्मीद होगी कि उनका यह नया नायक इसी लय को बरकरार रखे।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram