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बाढ़ प्रभावितों के लिए 1251 कम्युनिटी किचन संचालित, 88.54 लाख लोगों को कराया गया भोजन

बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच आपदा प्रबंधन विभाग ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। राज्य के 15 जिलों में करीब 48.35 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रभावित लोगों तक भोजन और जरूरी सामान पहुंचाने के लिए 1251 सामुदायिक रसोई

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पटना: बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच आपदा प्रबंधन विभाग ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। राज्य के 15 जिलों में करीब 48.35 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रभावित लोगों तक भोजन और जरूरी सामान पहुंचाने के लिए 1251 सामुदायिक रसोई चल रही हैं।

विभाग के अनुसार, इन सामुदायिक रसोई के जरिए अब तक करीब 88.54 लाख लोगों को सुबह-शाम भोजन कराया गया है। वहीं, 13 राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां 12,260 बाढ़ प्रभावित लोगों के रहने, भोजन और इलाज की व्यवस्था की गई है।

राहत सामग्री का किया जा रहा वितरण

बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच अब तक करीब 3.68 लाख पॉलीथीन शीट, 65,400 ड्राई राशन पैकेट और 1,400 फूड पैकेट बांटे जा चुके हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए राज्य में 1,688 नावें चलाई जा रही हैं।

पशुओं के लिए भी राहत की व्यवस्था की गई है। अब तक करीब 12,844 क्विंटल पशुचारा वितरित किया गया है। राहत और बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ की 27 और एनडीआरएफ की 10 टीमें अलग-अलग जिलों में तैनात हैं।

कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर

केंद्रीय जल आयोग और मौसम विभाग के अनुसार, राज्य की कई नदियां अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कोसी, बूढ़ी गंडक, गंगा, पुनपुन, बागमती और घाघरा नदी के कई स्थानों पर जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है।

रविवार सुबह वाल्मीकिनगर बराज पर गंडक नदी का जलस्तर बढ़ता दर्ज किया गया। वहीं वीरपुर बराज पर कोसी का जलस्तर स्थिर है, जबकि इंद्रपुरी बराज पर सोन नदी का जलस्तर घट रहा है।

बाढ़ से प्रभावित 15 जिलों के 87 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतों में राहत कार्य चलाया जा रहा है। आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।

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