Patna/Samastipur: बिहार के समस्तीपुर जिले में नाबालिग लड़की के साथ सरेराह हुई छेड़खानी के मामले में पुलिस ने मिसाल पेश करते हुए त्वरित और सख्त कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो सामने आने के महज 6 घंटे के भीतर पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सभी चार आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस मुख्यालय की सोशल मीडिया निगरानी सेल ने इस आपत्तिजनक वीडियो को ट्रैक किया था, जिसमें कुछ युवक एक नाबालिग लड़की को घेरकर उसके साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करते दिख रहे थे।
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4 आरोपी 6 घंटे में गिरफ्तार
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान जगतसिंहपुर गांव निवासी विकास कुमार, राहुल कुमार और रामबाबू सहनी के रूप में हुई है, जबकि चौथा आरोपी कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के बिजौलिया गांव का निवासी अवधेश पासवान है। वीडियो की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी सत्यापन कराया और घटनास्थल की पुष्टि होते ही कर्पूरीग्राम थाने की पुलिस ने त्वरित छापेमारी कर चारों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया है कि यह घटना करीब एक सप्ताह पुरानी थी, जिसे सुनियोजित तरीके से रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर फैलाया गया था।
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BNS और पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज
मामले की गंभीरता और पीड़िता की सामाजिक गरिमा की रक्षा के लिए पुलिस पदाधिकारी के स्वलिखित बयान के आधार पर कर्पूरीग्राम थाने में कांड संख्या 117/26 दर्ज किया गया है। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (BNS), यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम और आईटी एक्ट की सुसंगत और गैर-जमानती धाराएं जोड़ी गई हैं। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच को तेजी से पूरा कर स्पीडी ट्रायल के जरिए आरोपियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
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वीडियो शेयर करने पर सख्त मनाही
समस्तीपुर पुलिस ने आम नागरिकों, सोशल मीडिया यूजर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने स्पष्ट कहा है कि पीड़िता की पहचान उजागर करने वाला कोई भी वीडियो, तस्वीर या विवरण सोशल मीडिया पर शेयर या फॉरवर्ड न करें। नाबालिग पीड़िता की गरिमा और मानसिक स्थिति को क्षति पहुंचाने वाले कंटेंट को प्रसारित करना कानूनन संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है। ऐसा करने वाले किसी भी सोशल मीडिया अकाउंट के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




