Ranchi: 10 अगस्त 2026 को कतिपय छात्र संगठनों द्वारा झारखंड विधानसभा घेराव किए जाने की सूचना के बीच रांची जिला प्रशासन ने छात्रों के लिए महत्वपूर्ण संदेश जारी किया है। प्रशासन ने बताया कि झारखंड विधानसभा परिसर यानी नए विधानसभा भवन के 750 मीटर के दायरे में BNS की धारा 163 (144 CrPC) लागू की गई है। अनुमंडल पदाधिकारी, सदर रांची ने अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश लागू किया है। हालांकि, इस दायरे में माननीय उच्च न्यायालय झारखंड, रांची को इससे बाहर रखा गया है।
विधानसभा के 750 मीटर दायरे में प्रदर्शन गैरकानूनी
प्रशासन की ओर से जारी संदेश में कहा गया है कि BNS की धारा 163 लागू होने के कारण संबंधित क्षेत्र में किसी भी प्रकार का विरोध प्रदर्शन, धरना आदि करना गैरकानूनी है। जिला प्रशासन ने छात्रों से किसी भी प्रकार के आक्रामक प्रदर्शन में शामिल होने से बचने की अपील की है।
छात्रों से शिक्षा और भविष्य को लेकर की अपील
प्रशासन ने अपने संदेश में कहा है कि ऐसी गतिविधियां न केवल कानून-व्यवस्था के लिए समस्या उत्पन्न करती हैं, बल्कि छात्रों की शिक्षा, भविष्य और करियर पर भी गहरा प्रभाव डाल सकती हैं। प्रशासन के अनुसार, यदि कोई छात्र किसी हिंसक या गैरकानूनी गतिविधि में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस वेरिफिकेशन में रिकॉर्ड का पड़ सकता है असर
रांची जिला प्रशासन ने छात्रों को आगाह करते हुए कहा है कि कानूनी कार्रवाई उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड और भविष्य में नौकरी पाने की संभावनाओं को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। प्रशासन ने कहा कि वर्तमान में अधिकांश नौकरियों में पुलिस वेरिफिकेशन की आवश्यकता होती है। ऐसे में कोई भी नकारात्मक रिकॉर्ड छात्रों के करियर के रास्ते में रुकावट बन सकता है। यह असर सिर्फ सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं रहने की बात प्रशासन ने कही है। नकारात्मक रिकॉर्ड के कारण निजी कंपनियों में नौकरी अथवा ठेके प्राप्त करने में भी बाधा आ सकती है।
प्रशासन ने छात्रों से प्रदर्शन से बचने की अपील की
रांची जिला प्रशासन ने छात्रों से अपील की है कि वे 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसक या गैरकानूनी गतिविधि में शामिल न हों और कानून-व्यवस्था से जुड़ी स्थिति उत्पन्न करने से बचें।




