रांची। राजधानी रांची में बिना वैध लाइसेंस और सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर चलाए जा रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ नगर निगम ने अब तक का सबसे सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। नगर निगम की विशेष टीम द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाने वाले 20 प्रमुख कोचिंग संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। निगम प्रशासन ने इन संस्थानों को अपनी व्यवस्था सुधारने और वैध लाइसेंस हासिल करने के लिए महज 3 दिनों की मोहलत दी है। तय समय सीमा के भीतर नियमों का पालन न करने की स्थिति में नगर निगम इन परिसरों को सील करने की सीधी कार्रवाई करेगा।
831 में से सिर्फ 68 के पास है वैध लाइसेंस: चौंकाने वाले आंकड़े आए सामने
रांची नगर निगम द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, शहर भर में लगभग 1,364 व्यावसायिक शैक्षणिक संस्थान संचालित हो रहे हैं, जिनमें अकेले कोचिंग संस्थानों की संख्या 831 के करीब है। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से केवल 68 कोचिंग सेंटरों के पास ही नगर निगम का वैध ‘Municipal Trade License’ उपलब्ध है। यानी शहर का एक बड़ा हिस्सा और हजारों विद्यार्थियों का भविष्य बिना किसी कानूनी पंजीकरण और सुरक्षा मानकों की जांच के अवैध रूप से संचालित कोचिंग सेंटरों के भरोसे चल रहा है।
इन 20 बड़े संस्थानों को जारी हुआ नोटिस
नगर निगम की छापेमारी और जांच अभियान के दौरान झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 का उल्लंघन करने वाले 20 नामचीन संस्थानों को चिन्हित कर नोटिस थमाया गया है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- Amaans Motion Academy
- Clat Prep
- Newton Tutorials
- Pathshala
- Career Foundation
- MS Learning Resources Pvt. Ltd.
- Dezine Quest
- M.B.A Achievers
- Gravity Education
- National CLAT Academy
- Master Minds
- Pages Library
- The Black Board
- AK Academy
- Dcube Classes (हीनू) तथा अन्य।
कानूनी कार्रवाई और 3 दिनों का अल्टीमेटम
नगर निगम प्रशासन के अनुसार, बिना किसी वैध अनुमति या ट्रेड लाइसेंस के व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन करना झारखण्ड नगरपालिका अधिनियम, 2011 की धारा 455 और झारखण्ड नगरपालिका अनुज्ञप्ति नियमावली, 2017 की कंडिका 19 एवं 20 का सीधा उल्लंघन है।
निगम ने सख्त लहजे में निर्देश दिया है कि नोटिस मिलने के 3 दिनों के भीतर ये संस्थान अपने परिसर से प्रचार-प्रसार सामग्रियां हटा लें और तुरंत कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए वैध ट्रेड लाइसेंस प्राप्त करें। यदि दिए गए समय के बाद भी कोई संस्थान अवैध रूप से चलता पाया गया, तो बिना किसी पूर्व सूचना के भवन को सील कर दिया जाएगा। इस दौरान होने वाले किसी भी प्रकार के वित्तीय या अकादमिक नुकसान की पूरी जवाबदेही संस्थान संचालक की होगी।
चरणबद्ध तरीके से पूरे शहर में चलेगा अभियान
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल इन 20 संस्थानों तक सीमित नहीं रहने वाली है। शहर में बिना लाइसेंस के धड़ल्ले से चलाए जा रहे सभी कोचिंग, लाइब्रेरी और प्राइवेट शैक्षणिक संस्थानों को इस अभियान के दायरे में लाया जाएगा। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य शहर में एक पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित शैक्षणिक माहौल तैयार करना है, ताकि छात्रों के जीवन और सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ न हो। निगम ने सभी व्यापारियों और कोचिंग संचालकों से अपील की है कि वे समय रहते अपने आवश्यक वैधानिक दस्तावेज और लाइसेंस प्राप्त कर लें, क्योंकि नियम सभी के लिए समान हैं।




