रांची: एम.एम.के. हाई स्कूल, बरियातू में ‘विश्व हाथी दिवस’ के अवसर पर पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण को लेकर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों के मन में प्रकृति और बेज़ुबान वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता व प्रेम की भावना जगाना था।
कार्यक्रम के दौरान स्कूल परिसर में एक से बढ़कर एक मनमोहक दृश्य देखने को मिले। नन्हें-मुन्ने बच्चे हाथी की वेशभूषा और आकर्षक मास्क पहनकर पहुंचे, जिनकी बालसुलभ प्रस्तुतियों ने सभी का दिल जीत लिया। इस मौके पर आयोजित चित्रांकन प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने कैनवास पर रंगों और रेखाओं के माध्यम से जंगल, हाथी और प्राकृतिक संतुलन के रिश्ते को उकेरा। बच्चों ने अपनी कलाकृतियों के जरिए यह सशक्त संदेश दिया कि वन्यजीवों की सुरक्षा वस्तुतः मानव जाति के सुरक्षित भविष्य की बुनियाद है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षिका सगूफ़ा नाज़, नीलम कुमारी एवं चांदनी का विशेष योगदान रहा। विद्यालय के निदेशक डॉ. तनवीर अहमद ने बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि हाथियों को बचाना केवल एक प्रजाति को बचाने का प्रयास नहीं है, बल्कि यह हमारे पूरे पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) और जंगलों की रक्षा का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने जोर दिया कि बचपन से ही बच्चों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भाव जगाना बेहद जरूरी है।





