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70 चिकित्सकों की मौजूदगी में नई हाइपरटेंशन गाइडलाइन और युवाओं में बढ़ते BP पर चेतावनी

Ranchi : शहर के प्रतिष्ठित हार्ट केयर क्लिनिक, रांची एवं एसोसिएशन ऑफ फिज़िशियन्स ऑफ इंडिया (API), झारखंड चैप्टर द्वारा रविवार की शाम होटल लीलैक में एक भव्य और महत्वपूर्ण इंटर-स्टेट मेडिकल सेमिनार आयोजित किया गया। इस सेमिनार में रांची और आसपास के लगभग 70 वरिष्ठ

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Ranchi : शहर के प्रतिष्ठित हार्ट केयर क्लिनिक, रांची एवं एसोसिएशन ऑफ फिज़िशियन्स ऑफ इंडिया (API), झारखंड चैप्टर द्वारा रविवार की शाम होटल लीलैक में एक भव्य और महत्वपूर्ण इंटर-स्टेट मेडिकल सेमिनार आयोजित किया गया। इस सेमिनार में रांची और आसपास के लगभग 70 वरिष्ठ एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भाग लिया, जिससे कार्यक्रम अत्यंत सफल और ज्ञानवर्धक बन पड़ा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और वक्ताओं में API के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. डॉ. ज्योतिरमय पॉल, रांची के प्रख्यात हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. वरुण कुमार तथा प्रसिद्ध डायबिटीज़ विशेषज्ञ डॉ. ए. के. विरमानी मौजूद थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता API झारखंड केस्टेट प्रेसीडेंट डॉ. डी.के. सिंह ने की।

अपने संबोधन में प्रो. डॉ. पॉल ने हाई ब्लड प्रेशर को ‘Silent Killer’ बताते हुए कहा कि यह बीमारी बिना किसी लक्षण के शरीर को क्षति पहुँचाती रहती है। उन्होंने अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की नई हाइपरटेंशन गाइडलाइन पर विस्तार से चर्चा की और बताया कि विश्वस्तर पर BP की परिभाषा और उपचार पद्धति लगातार बदल रही है, इसलिए चिकित्सकों को इससे अपडेट रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि नियमित मॉनिटरिंग, सही दवाइयाँ और जीवनशैली सुधार से लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है।

इसके बाद डॉ. वरुण कुमार ने किडनी से जुड़ी बीमारियों के कारण होने वाले जटिल हाई BP पर अपनी प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि अनेक मामलों में मरीजों का BP चार से पाँच दवाइयों के उपयोग के बाद भी नियंत्रण में नहीं आता। ऐसे मरीजों में हार्ट फेल्योर, हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी फेल्योर का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने रीनो-वैस्कुलर हाइपरटेंशन के मामलों में एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी की उपयोगिता भी समझाई।

जमशेदपुर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. ए. के. विरमानी ने युवाओं में तेजी से बढ़ते उच्च रक्तचाप पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गलत खानपान, फ़ास्ट फूड की आदत, मानसिक तनाव, नींद की कमी और नशे की प्रवृत्ति के कारण 25–35 वर्ष आयु वर्ग में BP के मरीजों की संख्या alarming स्तर पर पहुँच रही है। उन्होंने इस दिशा में बड़े पैमाने पर जागरूकता की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

सेमिनार में शामिल अन्य चिकित्सकों में डॉ. एच. डी. शरण, डॉ. प्रकाश कुमार, डॉ. गगन गुंजन, डॉ. संजय सिंह, डॉ. श्यामल सरकार, डॉ. हिमालय झा, डॉ. अर्या सहित लगभग 70 चिकित्सक उपस्थित रहे। आयोजकों का कहना है कि यह सेमिनार स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों के लिए आपसी अनुभव साझा करने और अपडेटेड मेडिकल जानकारी प्राप्त करने का महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।

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