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संजीदा अदाकारी और दमदार पटकथाओं के चयन से मृणाल ठाकुर ने बनाई अलग पहचान

जानिए बॉलीवुड और साउथ सिनेमा में अपनी अदाकारी का परचम लहराने वाली मृणाल ठाकुर का प्रेरक सफर

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मुंबई: भारतीय मनोरंजन उद्योग में टेलीविजन से अपने अभिनय करियर की शुरुआत कर सिल्वर स्क्रीन पर मुकाम हासिल करने वाले कलाकारों की सूची में मृणाल ठाकुर का नाम बेहद प्रमुखता से लिया जाता है। महाराष्ट्र के धूलिया (धूले) जिले के एक मध्यमवर्गीय मराठी परिवार में जन्मी मृणाल ने अपनी प्रतिभा, लगन और बेहतरीन पटकथा चयन के दम पर आज बॉलीवुड के साथ-साथ दक्षिण भारतीय सिनेमा (टॉलीवुड) में भी खुद को एक स्थापित और बैंकेबल अभिनेत्री के रूप में स्थापित कर लिया है।

टेलीविजन से शुरुआत और पहला ब्रेक

मृणाल ठाकुर ने अपने करियर की शुरुआत स्टार प्लस के शो ‘मुझसे कुछ कहती… ये खामोशियां’ से की थी, लेकिन उन्हें असली पहचान जी टीवी के लोकप्रिय धारावाहिक ‘कुमकुम भाग्य’ में ‘बुलबुल’ के किरदार से मिली। छोटे पर्दे पर काफी लोकप्रियता हासिल करने के बाद मृणाल ने खुद को सिर्फ टीवी धारावाहिकों तक सीमित नहीं रखा और बल्कि सिनेमा की ओर रुख किया।

वर्ष 2018 में आई इंडो-अमेरिकी फिल्म ‘लव सोनिया’ से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिनेमा में कदम रखा। मानव तस्करी जैसे गंभीर मुद्दे पर बनी इस फिल्म में ‘सोनिया’ के चुनौतीपूर्ण किरदार के लिए उनकी अभिनय क्षमता की काफी सराहना हुई और उन्हें लंदन इंडियन फिल्म फेस्टिवल में ‘बेस्ट न्यूकमर’ का अवॉर्ड भी मिला।

बॉलीवुड में मुख्यधारा का सफर

वर्ष 2019 में मृणाल ने विकास बहल की बायोपिक फिल्म ‘सुपर 30’ से बॉलीवुड की मुख्यधारा में शानदार शुरुआत की। गणितज्ञ आनंद कुमार के जीवन पर बनी इस फिल्म में उन्होंने ऋतिक रोशन के विपरीत ‘सुप्रिया’ का किरदार निभाया, जो व्यावसायिक रूप से काफी सफल रही। इसके बाद उसी वर्ष आई जॉन अब्राहम की एक्शन-थ्रिलर फिल्म ‘बटला हाउस’ में एक निडर पत्रकार का किरदार निभाकर उन्होंने अपनी अभिनय विविधता को साबित किया।

इसके बाद उन्होंने ‘तूफान’ (फारहान अख्तर के साथ), ‘धमाका’ (कार्तिक आर्यन के साथ) और शाहिद कपूर के साथ खेल-ड्रामा फिल्म ‘जर्सी’ में अभिनय किया। ‘जर्सी’ में एक संघर्षशील पति की पत्नी के रूप में उनके भावनात्मक अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने सराहा।

दक्षिण भारत में ‘सीता रामम’ से मिली पैन-इंडिया स्टारडम

मृणाल ठाकुर के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट वर्ष 2022 में आई हनु राघवपुडी निर्देशित तेलुगु पीरियड-रोमांस फिल्म ‘सीता रामम’ साबित हुई। दलकीर सलमान के विपरीत फिल्म में ‘सीता महालक्ष्मी’ (राजकुमारी नूरजहां) के कालजयी किरदार को निभाकर मृणाल रातों-रात पूरे भारत में एक सेंसेशन बन गईं। इस किरदार में उनकी सादगी, भावपूर्ण अभिनय और स्क्रीन प्रेजेंस ने दर्शकों का दिल जीत लिया और उन्हें ‘क्रिटिक्स बेस्ट एक्ट्रेस’ के कई प्रतिष्ठित पुरस्कार (SIIMA, फिल्मफेयर साउथ) मिले।

इसके बाद वर्ष 2023 में नानी के साथ आई तेलुगु फिल्म ‘हाय नन्ना’ में ‘यशना’ के किरदार ने यह साबित कर दिया कि ‘सीता रामम’ की सफलता महज एक संयोग नहीं थी। इन दो फिल्मों ने दक्षिण भारत में उनके लिए एक बहुत ऊँचा मापदंड (बेंचमार्क) तय कर दिया।

भविष्य की योजनाएं और करियर फिलॉसफी

हाल के समय में मृणाल ने कई बड़ी और व्यावसायिक फिल्मों के प्रस्तावों को सिर्फ इसलिए विनम्रता से अस्वीकार किया है क्योंकि वे अपनी फिल्मों के कंटेंट और किरदारों की गुणवत्ता से समझौता नहीं करना चाहतीं। उनका मानना है कि ‘सीता रामम’ और ‘हाय नन्ना’ से दर्शकों की उम्मीदें काफी बढ़ चुकी हैं, इसलिए वे ऐसे ही प्रोजेक्ट्स चुनना पसंद करती हैं जो उनके अभिनय को नई चुनौती दें।

आने वाले समय में मृणाल सिद्धार्थ चतुर्वेदी के साथ ‘दो दीवाने शहर में’, वरुणा धवन के साथ डेविड धवन की कॉमेडी-ड्रामा ‘है जवानी तो इश्क होना है’, और हुमा कुरैशी के साथ लीगल कोर्टरूम ड्रामा ‘पूजा मेरी जान’ में नजर आने वाली हैं। भाषाओं की सीमाओं से परे जाकर उत्तर से लेकर दक्षिण तक अपने अभिनय का लोहा मनवाने वाली मृणाल ठाकुर आज भारतीय सिनेमा की सबसे भरोसेमंद और प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों में से एक मानी जाती हैं।

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