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बीमार होने के दावों के बीच मोजतबा खामेनेई का वीडियो, अफसरों संग दिखे

ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर चल रही अफवाहों के बीच ईरानी मीडिया ने उनका वीडियो जारी कर इजराइली मीडिया के दावों को खारिज किया है।

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Tehran, Iran: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई के निधन के बाद देश की सत्ता संभालने वाले नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की सेहत से जुड़ी अफवाहों को ईरानी मीडिया ने खारिज कर दिया है। 8 मार्च 2026 को असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स द्वारा चुने गए 56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई का एक 12-सेकंड का नया वीडियो जारी किया गया है, जिसमें वे अपने अधिकारियों के साथ बैठक करते नजर आ रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इजराइली और पश्चिमी मीडिया में उनके गंभीर रूप से बीमार होने और अस्पताल में भर्ती होने के दावे किए जा रहे थे।

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मोजतबा खामेनेई के नए सुप्रीम लीडर बनने का घटनाक्रम

ईरान की 88 सदस्यीय धार्मिक संस्था ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ ने 8 मार्च 2026 को मोजतबा खामेनेई को औपचारिक रूप से देश का नया सुप्रीम लीडर चुना था। इससे पहले फरवरी 2026 में उनके पिता और पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई का निधन हो गया था। 1979 की ईरानी क्रांति के बाद पिता के बाद बेटे को सत्ता सौंपना कोई स्थापित परंपरा नहीं रही है। हालांकि, मोजतबा खामेनेई की मजबूत सैन्य और प्रशासनिक पकड़ के कारण उन्हें देश की सर्वोच्च सत्ता सौंपी गई।

धार्मिक संस्था ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ का फैसला

मोजतबा खामेनेई का जन्म 8 सितंबर 1969 को ईरान के मशहाद शहर में हुआ था और वे आयतुल्लाह अली खामेनेई के दूसरे पुत्र हैं। वे बचपन से ही देश के सबसे शक्तिशाली धार्मिक और राजनीतिक परिवार का हिस्सा रहे हैं। उनकी शुरुआती शिक्षा तेहरान के प्रतिष्ठित अलवी हाई स्कूल से हुई, जहां से उन्होंने 1987 में अपनी हाईस्कूल की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने देश सेवा के तहत ईरान-इराक युद्ध के दौरान रिवोल्यूशनरी गार्ड्स में अपनी सेवाएं दीं, जिससे उन्हें जमीनी सैन्य अनुभव मिला।

सैन्य सेवा से लेकर धार्मिक शिक्षा तक का सफर

सैन्य सेवा के बाद मोजतबा खामेनेई ने शिया शिक्षा के प्रमुख केंद्र ‘कोम शिया मदरसा’ का रुख किया। वहां उन्होंने इस्लामी कानून, दर्शनशास्त्र और धर्मशास्त्र का गहन अध्ययन किया। ईरान के शीर्ष धर्मगुरुओं से शिक्षा प्राप्त करने के बाद वे स्वयं मदरसे में उच्च स्तरीय धार्मिक कक्षाएं पढ़ाने लगे। धार्मिक क्षेत्र में उनके इस योगदान के परिणामस्वरूप उन्हें ‘आयतुल्लाह’ की सम्मानित उपाधि दी गई।

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पर्दे के पीछे की कार्यशैली और ताजा स्थिति

मोजतबा खामेनेई को लंबे समय से पर्दे के पीछे रहकर काम करने वाले एक प्रभावशाली और रहस्यमयी व्यक्तित्व के रूप में जाना जाता रहा है। सुप्रीम लीडर का पद संभालने के बाद से वे सार्वजनिक मंचों पर कम ही नजर आए हैं, जिसके कारण उनकी गतिविधियों को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। पश्चिमी और इजराइली मीडिया के दावों के जवाब में ईरानी मीडिया द्वारा जारी 12-सेकंड के वीडियो में वे अधिकारियों के साथ बैठक करते दिख रहे हैं। इसका उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि वे पूरी तरह स्वस्थ हैं और देश के प्रशासनिक मामलों को सक्रिय रूप से संभाल रहे हैं।

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