Ramgarh: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पूज्य माताजी स्वर्गीय रूपी सोरेन के निधन के बाद रामगढ़ जिले के नेमरा स्थित उनके पैतृक आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा हुआ है। इस कठिन और अत्यंत भावुक घड़ी में विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ राजनेता, सांसद, विधायक, सामाजिक प्रतिनिधि और भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी लगातार नेमरा पहुंच रहे हैं।
नेमरा स्थित मुख्यमंत्री के पैतृक आवास पर शनिवार को झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहुंचे। दोनों वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिजनों से आत्मीय मुलाकात की तथा अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए कहा कि मां का जाना जीवन की सबसे अपूरणीय क्षति होती है, जिसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता।
इसके साथ ही बिहार के पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव, गिरीडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी तथा खूंटी सांसद काली चरण मुंडा ने भी नेमरा पहुंचकर दिवंगत रूपी सोरेन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी। झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद, पूर्व मंत्री आलमगीर आलम और पूर्व मंत्री बादल पत्रलेख ने भी सोरेन परिवार से मुलाकात कर इस असहनीय पीड़ा की घड़ी में उन्हें ढाढ़स बंधाया।
श्रद्धांजलि देने वालों में झारखंड के सूचना आयुक्त शिवपुजन पाठक व तनूज खत्री, विधायक अनूप सिंह, विधायक ममता देवी, पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश समेत कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल रहे। आगंतुकों ने कहा कि स्वर्गीय रूपी सोरेन केवल एक मातृत्व की मूरत नहीं थीं, बल्कि झारखंड के लंबे संघर्षों और आंदोलन के दौर में भी वे परिवार की सबसे मजबूत संबल बनी रहीं।
नेमरा में जुटे सभी गणमान्य लोगों ने शोकाकुल सोरेन परिवार के प्रति अपनी एकजुटता प्रकट की और ईश्वर से इस गहरे दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।




