बिहार: बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए अच्छी खबर है। राज्य के 43 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में लाइब्रेरी खोलने की तैयारी है। इसके लिए सरकार ने 134 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है।
नई लाइब्रेरियों में बच्चों को किताबों के साथ डिजिटल माध्यम से पढ़ने की सुविधा भी मिलेगी। पुरानी लाइब्रेरियों को भी आधुनिक सुविधाओं से अपडेट किया जाएगा।
मिडिल स्कूलों में होगी लाइब्रेरियन की नियुक्ति
राज्य के स्कूलों में अभी करीब 2 हजार लाइब्रेरियन कार्यरत हैं। कई मिडिल स्कूलों में लाइब्रेरियन के पद खाली हैं। नई लाइब्रेरी शुरू होने के साथ इन स्कूलों में लाइब्रेरियन की नियुक्ति की जाएगी।
वहीं, प्राथमिक स्कूलों में अलग से लाइब्रेरियन की नियुक्ति नहीं होगी। यहां हेडमास्टर और शिक्षक लाइब्रेरी की जिम्मेदारी संभालेंगे।
100 तरह की किताबें होंगी उपलब्ध
स्कूल लाइब्रेरियों में छात्रों के लिए करीब 100 तरह की किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें पाठ्यक्रम से जुड़ी किताबों के अलावा कहानियां, बाल साहित्य और ज्ञानवर्धक पुस्तकें शामिल होंगी।
बच्चों को प्रेमचंद, जयशंकर प्रसाद, फणीश्वरनाथ रेणु, राहुल सांकृत्यायन और निराला जैसे प्रसिद्ध लेखकों की रचनाएं भी पढ़ने को मिलेंगी।
डिजिटल लाइब्रेरी पर भी जोर
सरकार की योजना में डिजिटल लाइब्रेरी को भी शामिल किया गया है। इसके जरिए छात्र ऑनलाइन किताबें और अन्य अध्ययन सामग्री पढ़ सकेंगे। सरकार का उद्देश्य बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने के साथ उन्हें डिजिटल संसाधनों से जोड़ना है।
यह योजना समग्र शिक्षा अभियान के तहत लागू की जाएगी। नए लाइब्रेरी भवनों के निर्माण की जिम्मेदारी बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना निर्माण निगम को दी जाएगी।




