Khagaria: बिहार के खगड़िया जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। जिले के मानसी प्रखंड अंतर्गत अमनी पंचायत के हियादतपुर गांव में धार्मिक अनुष्ठान के बाद प्रसाद खाने से 165 से अधिक लोग अचानक बीमार हो गए। एक ही समय पर इतनी बड़ी संख्या में लोगों और बच्चों की तबीयत बिगड़ने से पूरे गांव में अफरा-तफरी और हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों और परिजनों की मदद से प्रभावित लोगों को खगड़िया सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां देर रात तक मरीजों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।
सत्यनारायण पूजा के बाद बांटा गया था प्रसाद
शुरुआती जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम करीब 7 बजे गांव के निवासी मायाराम चौधरी के बेटे सुबोध चौधरी के घर पर सत्यनारायण पूजा का आयोजन किया गया था। धार्मिक अनुष्ठान समाप्त होने के बाद वहां मौजूद लोगों और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। अनुमान जताया जा रहा है कि इस पूजा में शामिल होकर लगभग 250 से अधिक लोगों ने प्रसाद का सेवन किया था।
बच्चों को उल्टी-दस्त और बड़ों को चक्कर की शिकायत
प्रसाद खाने के करीब आधे घंटे बाद ही लोगों की तबीयत खराब होने लगी। सबसे पहले बच्चों ने पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत की, जिसके बाद धीरे-धीरे बड़ों में भी चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी और बेचैनी जैसे फूड पॉइजनिंग के लक्षण दिखाई देने लगे। गांव की महिला संजू देवी ने बताया कि पूजा के बाद प्रसाद खाने वाले लगभग सभी लोगों को एक-एक कर उल्टियां होने लगी थीं।
सदर अस्पताल में एंबुलेंस से पहुंचाए गए मरीज
जैसे-जैसे बीमार लोगों की संख्या बढ़ने लगी, ग्रामीणों ने मानसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और स्वास्थ्य विभाग को मामले की जानकारी दी। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से तुरंत गांव में एंबुलेंस भेजी गई और सभी प्रभावितों को खगड़िया सदर अस्पताल ले जाया गया। इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के पहुंचने से अस्पताल में देर रात तक गहमागहमी और इलाज को लेकर भाग-दौड़ की स्थिति बनी रही।
स्वास्थ्य विभाग जांच में जुटा, स्थिति पर नजर
सदर अस्पताल के प्रबंधक प्रणव कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही गांव में एंबुलेंस भेजकर मरीजों को अस्पताल लाया गया। फिलहाल 100 से ज्यादा मरीजों का इलाज चल रहा है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रसाद में किसी तरह की खराबी या मिलावट को लेकर आशंका जताई जा रही है, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच कर रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।





