Banka: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई (SVU) की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। विशेष निगरानी इकाई ने लघु जल संसाधन विभाग के बांका प्रमंडल में पदस्थापित कार्यपालक अभियंता हरेंद्र कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है। कांड संख्या 23/2026 के तहत सोमवार को मामला दर्ज किए जाने के बाद मंगलवार को निगरानी विभाग की अलग-अलग टीमों ने हरेंद्र कुमार से जुड़े चार ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू कर दिया।
बांका, पटना और वैशाली में एक साथ रेड
निगरानी विभाग के इंस्पेक्टर कुणाल कुमार ने बताया कि कार्यपालक अभियंता हरेंद्र कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज हुआ था, जिसकी जांच के सिलसिले में यह कार्रवाई की जा रही है।
जांच एजेंसी जिन चार स्थानों पर तलाशी ले रही है, उनमें बांका स्थित लघु जल संसाधन विभाग का कार्यपालक अभियंता कार्यालय, पटना के पत्रकार नगर थाना क्षेत्र स्थित महावीर नगर का जनक नंदिनी अपार्टमेंट, बेऊर चौराहा स्थित छह मंजिला मकान और वैशाली जिले के पातेपुर थाना क्षेत्र स्थित सिमरवारा गांव शामिल हैं।
सरकारी आवास से हिरासत में, नकदी और गहने बरामद
सूत्रों के अनुसार, निगरानी टीम ने कार्यपालक अभियंता हरेंद्र कुमार को उनके सरकारी आवास से हिरासत में ले लिया है, जिसके बाद उनके अलग-अलग ठिकानों पर सघन तलाशी शुरू की गई। पटना स्थित उनके आवास से भारी मात्रा में नकदी, सोने-चांदी के आभूषण और महंगी घड़ियां मिलने की बात सामने आई है। बरामद नकदी की सटीक गिनती करने के लिए छह कर्मचारियों की एक विशेष टीम को लगाया गया है।
गया में तैनाती के दौरान मिली थी शिकायत
जानकारी के मुताबिक, हरेंद्र कुमार की पोस्टिंग करीब एक महीने पहले ही बांका प्रमंडल में कार्यपालक अभियंता के पद पर हुई थी। इससे पहले वह गया जिले में पदस्थापित थे। बताया जा रहा है कि गया में पदस्थापन के दौरान ही उनके खिलाफ निगरानी विभाग में भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति की लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के आधार पर शुरुआती जांच कराने के बाद निगरानी ने प्राथमिकी दर्ज कर यह कार्रवाई की है।
वित्तीय दस्तावेजों और बैंक खातों की पड़ताल
विशेष निगरानी इकाई द्वारा घर और कार्यालय में मौजूद वित्तीय दस्तावेजों, जमीन व मकान से जुड़े कागजात, बैंक खातों और अन्य निवेशों की बारीकी से जांच की जा रही है। फिलहाल निगरानी विभाग का तलाशी अभियान जारी है और पूरी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद विशेष निगरानी इकाई की ओर से जब्त कुल संपत्ति का आधिकारिक ब्यौरा जारी किया जाएगा।





