Lima, Peru: केइको फुजिमोरी ने पेरू की नई राष्ट्रपति के रूप में पद की शपथ ले ली है। संसद में अपने उद्घाटन भाषण में उन्होंने जून में हुए राष्ट्रपति चुनाव के बाद राष्ट्रीय सुलह को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। उन्होंने जिम्मेदारी से शासन करने, लोगों की बात सुनने और राज्य संस्थानों में जनता का विश्वास धीरे-धीरे बहाल करने की बात कही।
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फुजिमोरी ने कहा कि राजनीतिक अस्थिरता, सीमित शासन क्षमता और घटते जनविश्वास के कारण पेरू कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने नई सरकार की आर्थिक और सुरक्षा से जुड़ी प्राथमिकताओं का भी जिक्र किया।
अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर रहेगा जोर
राष्ट्रपति फुजिमोरी के अनुसार, नई सरकार सार्वजनिक व्यय को नियंत्रित करने और निवेश के माहौल को बेहतर बनाने को प्राथमिकता देगी। इसके साथ ही आर्थिक विकास को बढ़ावा देने, न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने पर जोर रहेगा। पेरू दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तांबा उत्पादक देश है। ऐसे में नई सरकार से अर्थव्यवस्था की विकास गति बनाए रखने के उद्देश्य से जल्द नीतियां लागू करने की उम्मीद है।
नई कैबिनेट में इन्हें मिली जिम्मेदारी
पदभार ग्रहण करने से पहले फुजिमोरी ने अपने नए मंत्रिमंडल की घोषणा की। एल्मर क्यूबा को अर्थव्यवस्था और वित्त मंत्री, कार्लोस एस्पा को विदेश मंत्री और गुइलेर्मो शिनो को ऊर्जा और खान मंत्री नियुक्त किया गया। 28 जुलाई, 2026 को लीमा में राष्ट्रपति केइको फुजिमोरी अपने नए मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ नजर आईं। इनमें प्रधानमंत्री लुइस गैलरेटा, रक्षा मंत्री राफेल बेलाउंडे, अर्थव्यवस्था और वित्त मंत्री एल्मर क्यूबा तथा विदेश मंत्री कार्लोस एस्पा शामिल थे।
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ट्रम्प प्रशासन से सहयोग बढ़ाने की इच्छा
विदेश नीति को लेकर राष्ट्रपति फुजिमोरी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन के साथ सहयोग मजबूत करने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने की अभी काफी गुंजाइश है। फुजिमोरी ने अंतरराष्ट्रीय अपराध से निपटने के लिए क्षेत्रीय सहयोग की पहलों में भी रुचि दिखाई।
मामूली अंतर से जीता था राष्ट्रपति चुनाव
जून में हुए राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर में केइको फुजिमोरी ने वामपंथी उम्मीदवार रॉबर्टो सांचेज़ को मामूली अंतर से हराया था। शपथ ग्रहण समारोह के दिन कई विपक्षी सांसदों ने नई राष्ट्रपति के भाषण के विरोध में संसद से वॉकआउट किया। वहीं, कार्यकर्ता समूहों ने राजधानी लीमा में प्रदर्शन किया। फुजिमोरी की पीपुल्स फोर्स पार्टी के संसद में सबसे बड़ा गुट बनने की उम्मीद है, लेकिन उसके पास बहुमत नहीं होगा। ऐसे में नई सरकार को अपने एजेंडे को लागू करने के लिए आगामी कार्यकाल में अन्य पार्टियों के साथ सहमति बनानी होगी।
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