Tehran, Iran: मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अमेरिका ने आरोप लगाया है कि ईरान ने क्षेत्र में तैनात उसके सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि हमले में दागी गई सभी मिसाइलों को उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही हवा में नष्ट कर दिया। अमेरिका के मुताबिक, यह हमला अचानक किया गया था। इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।
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ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दिया संकेत
अमेरिका के आरोपों के बीच ईरान ने कहा है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपने प्रभाव और नियंत्रण की रक्षा के लिए आवश्यक हर कदम उठाने को तैयार है। ईरान ने संकेत दिया कि परिस्थितियां बनने पर वह दोबारा सैन्य कार्रवाई का रास्ता अपनाने से भी पीछे नहीं हटेगा। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और समुद्री व्यापार प्रभावित हो सकता है।
ट्रंप-नेतन्याहू के बीच 90 मिनट चली बैठक
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच व्हाइट हाउस में महत्वपूर्ण बैठक हुई। करीब 90 मिनट चली बातचीत में क्षेत्रीय सुरक्षा, ईरान की गतिविधियों और पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। व्हाइट हाउस ने बैठक को सकारात्मक और उपयोगी बताया। बैठक के बाद नेतन्याहू ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के साथ उनकी यह अब तक की सबसे महत्वपूर्ण और रचनात्मक बैठकों में से एक रही। उन्होंने कहा कि दोनों देश इस बात पर पूरी तरह सहमत हैं कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने या हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने पर भी जोर दिया।
सऊदी अरब ने ड्रोन मार गिराने का किया दावा
दूसरी ओर, सऊदी अरब ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने पूर्वी प्रांत में स्थित तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर भेजे गए कई ड्रोन मार गिराए। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, ये ड्रोन इराक में सक्रिय ईरान समर्थित समूहों की ओर से छोड़े गए थे। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
हूतियों का सऊदी तेल टैंकर पर हमले का दावा
इसी बीच ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने दावा किया कि उन्होंने लाल सागर में एक सऊदी तेल टैंकर को निशाना बनाया है। सऊदी अरब ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है। सऊदी सरकार ने कहा कि उसकी सुरक्षा एजेंसियां ऊर्जा प्रतिष्ठानों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क हैं। संभावित खतरों को समय रहते निष्क्रिय किया जा रहा है।




