Spiritual Adda: हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय माना गया है, और चूंकि मां लक्ष्मी भगवान विष्णु की अर्धांगिनी हैं, इसलिए यह महीना माता लक्ष्मी को भी अति प्रिय है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी पवित्र महीने में भगवान विष्णु योग निद्रा से जागते हैं और सृष्टि में सुख, आनंद एवं कृपा की वर्षा होती है।
इस मास में मां लक्ष्मी धरती पर भ्रमण करती हैं और अपने सच्चे भक्तों को अपार धन-धान्य का आशीर्वाद देती हैं। मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए ही इस दौरान धन त्रयोदशी (धनतेरस), दीपावली और गोपाष्टमी जैसे बड़े पर्व मनाए जाते हैं। इस पूरे महीने में विशेष पूजा-पाठ और उपाय करके आने वाले समय के लिए अपार धन पाया जा सकता है तथा कर्ज व व्यापारिक घाटे से मुक्ति पाई जा सकती है।
विष्णु-लक्ष्मी की संयुक्त पूजा और वस्त्र का महत्व
कार्तिक मास में मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए यूं तो दीपावली जैसा महापर्व मनाया जाता है, लेकिन इस पूरे महीने के दौरान रोज मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा पाने के प्रयास किए जाने चाहिए। कार्तिक मास में रोजाना रात्रि के समय भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त रूप से पूजा करें। इस दौरान गुलाबी या चमकीले (उज्ज्वल) वस्त्र धारण करके उपासना करना बेहद शुभ माना जाता है। पारिवारिक और वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाने के लिए तुलसी की पूजा को सर्वश्रेष्ठ माना गया है, और आपको जानकर आश्चर्य होगा कि तुलसी के पौधे के रोपण और पूजन के लिए सबसे उत्तम महीना कार्तिक मास ही होता है।
तुलसी रोपण और दीपदान का अचूक उपाय
कार्तिक मास में किसी भी शुभ दिन, और बेहतर होगा यदि महीने की शुरुआत में ही, एक नया तुलसी का पौधा अपने घर ले आएं और उसे अपने प्रांगण या आंगन में स्थापित करें। इसके बाद नियम से प्रतिदिन सायंकाल (शाम के समय) इस तुलसी के पौधे के नीचे गाय के शुद्ध घी या तिल के तेल का दीपक जलाएं। दीपक प्रज्वलित करने के बाद सुखद पारिवारिक जीवन, वैवाहिक सुख और आर्थिक समृद्धि के लिए प्रार्थना करें। ऐसा नियमित रूप से करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और माता लक्ष्मी का स्थायी वास होता है।







