फॉण्ट कनवर्टर NEW

जमशेदपुर में बनेगा भव्य फोर लेन पुल, भुइयांडीह की बदलेगी सूरत

Jamshedpur News: लौहनगरी जमशेदपुर के भुइयांडीह और आस-पास के इलाकों के लिए बुधवार का दिन विकास के पन्नों में दर्ज हो गया। लंबे इंतजार और कई बाधाओं के बाद आखिरकार स्वर्णरेखा नदी पर प्रस्तावित फोर लेन पुल के निर्माण कार्य की विधिवत शुरुआत हो गई

अपनी भाषा में पढ़ें

Jamshedpur News: लौहनगरी जमशेदपुर के भुइयांडीह और आस-पास के इलाकों के लिए बुधवार का दिन विकास के पन्नों में दर्ज हो गया। लंबे इंतजार और कई बाधाओं के बाद आखिरकार स्वर्णरेखा नदी पर प्रस्तावित फोर लेन पुल के निर्माण कार्य की विधिवत शुरुआत हो गई है। बाबूडीह लाल भट्टा स्थित बाराघाट के समीप जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने नारियल फोड़कर इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शुभारंभ किया।

फाइलों में कैद था सपना, अब धरातल पर उतरेगी योजना

विधायक पूर्णिमा साहू ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर जमकर निशाना साधा।

इस पुल की कहानी काफी उतार-चढ़ाव भरी रही है। उद्घाटन के दौरान विधायक पूर्णिमा साहू ने याद दिलाया कि यह परियोजना पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के कार्यकाल में एक “सिग्नेचर ब्रिज” के रूप में सोची गई थी। हालांकि, समय के साथ यह प्रशासनिक फेरबदल और विभागीय आपत्तियों की भेंट चढ़ गई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 4 अक्टूबर 2024 को इसका शिलान्यास तो किया था, लेकिन डिजाइन में बदलाव और पथ निर्माण विभाग की आपत्तियों के कारण काम लटका रहा। विधायक ने विधानसभा में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाकर फाइलों को आगे बढ़ाया, जिसका नतीजा आज सबके सामने है।

49 करोड़ की लागत और 4 किलोमीटर लंबी विकास की सड़क

पुल परियोजना की बारीकियों की बात करें तो यह केवल एक पुल नहीं, बल्कि भुइयांडीह लिट्टी चौक से भिलाई पहाड़ी एनएच-33 को जोड़ने वाली एक लाइफलाइन है। इस परियोजना पर करीब $49$ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत स्वर्णरेखा नदी के दोनों ओर दो-दो किलोमीटर की फोर लेन सड़क बनाई जाएगी, जिससे कुल लंबाई 4 किलोमीटर होगी। निर्माण एजेंसी को इसे 18 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। मिट्टी जांच का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है और अब पिलरिंग का काम गति पकड़ेगा।

सरकार पर हमला और स्थानीय लोगों को बड़ी राहत

कार्यक्रम के दौरान विधायक पूर्णिमा साहू ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केवल ऑनलाइन शिलान्यास करने से काम नहीं होता, उसे जमीन पर उतारने के लिए इच्छाशक्ति चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि उन्होंने स्थानीय बस्तीवासियों के डर को दूर किया। विधायक ने स्पष्ट रूप से घोषणा की कि इस पुल के निर्माण से किसी भी बस्ती या गरीब के आशियाने को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा और न ही कोई घर तोड़ा जाएगा।

इस खबर को भी पढ़ें : सड़क चौड़ीकरण पर छाया राजनीति, भुइयांडीह में बेघर परिवारों का हल्ला

इस खबर को भी पढ़ें : भुइयांडीह में अवैध पानी कनेक्शन पर हंगामा, एक महीने तक कार्रवाई रोक

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram