Patna: सीएम सम्राट चौधरी ने 15 सितंबर 2026 को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प सभागार’ में ग्रामीण कार्य विभाग के अंतर्गत चल रही योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि ग्रामीण सड़कों की नियमित मॉनिटरिंग और बेहतर रख-रखाव सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही ग्रामीण सड़कों, पुल-पुलियों और आधारभूत संरचनाओं से जुड़ी सभी योजनाओं को पूरी गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने को कहा गया है।
ग्रामीण विकास और समयबद्ध निर्माण पर जोर
समीक्षा के दौरान ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभाग की वर्तमान और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना, मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना (अवशेष), मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना, सुलभ सम्पर्कता योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तथा ग्रामीण सड़कों के सुदृढ़ीकरण और प्रबंधन का पूरा ब्योरा रखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव का विकास और जनसुविधाओं को गति देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और पुल निर्माण सहित बुनियादी ढांचे की योजनाओं के समय पर पूरा होने से ग्रामीणों को सहूलियत मिलती है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलती है।
क्षतिग्रस्त पुल-सड़क की मरम्मत और हेवी ट्रैफिक से बचाव
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों और पुल-पुलियों का तेजी से आकलन कर मरम्मत कार्य पूरा किया जाए, ताकि लोगों का आवागमन सुगम बना रहे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण पथों के निर्माण और रख-रखाव पर राज्य सरकार बड़ी राशि खर्च कर रही है। ऐसे में गांवों में सुलभ कनेक्टिविटी बनाए रखने के लिए पथों की लगातार मॉनिटरिंग जरूरी है। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण पथों को भारी यातायात (हेवी ट्रैफिक) से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इस उच्चस्तरीय बैठक में ग्रामीण कार्य मंत्री सुनील कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, वित्त विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह और मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।



