Health Adda: अगर आपको बार-बार प्यास लगती है और मुंह सूखने की समस्या बनी रहती है, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज बिल्कुल न करें। अक्सर लोग इसे केवल शरीर में पानी की कमी या बदलते मौसम का असर समझ लेते हैं, लेकिन कई बार पर्याप्त पानी पीने के बाद भी मुंह सूखा रहना पानी की नहीं बल्कि लार (Saliva) की कमी का संकेत होता है।
लार क्यों जरूरी है?
लार हमारे शरीर के लिए बेहद आवश्यक है। यह मुंह को नम रखने, दांतों की सड़न व संक्रमण से रक्षा करने, भोजन को चबाने व पचाने और पाचन तंत्र को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
मुंह सूखने के मुख्य कारण (आयुर्वेद के अनुसार)
आयुर्वेद के अनुसार, शरीर में वात दोष के असंतुलन से रूखापन बढ़ने लगता है। सर्दियों या बदलते मौसम में प्राकृतिक रूप से वात की वृद्धि होती है, जबकि पित्त दोष शरीर में गर्मी और जलन बढ़ाता है। इन दोषों के असंतुलन के कारण ही मुंह सूखने और लार कम बनने की समस्या उत्पन्न होती है।
मुंह सूखने और लार की कमी दूर करने के असरदार घरेलू उपाय
– घी और गुनगुना पानी: सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में थोड़ा सा शुद्ध घी मिलाकर पीने से शरीर और मुंह की शुष्कता (रूखापन) दूर होती है।
– मुलेठी और शहद: मुलेठी के चूर्ण को शहद के साथ मिलाकर दिन में दो बार लेने से गले को ठंडक मिलती है, शरीर की गर्मी शांत होती है और प्राकृतिक रूप से लार बनने में मदद मिलती है।
– आंवला का रस और धनिए का पानी: नियमित रूप से आंवला का रस या धनिए का पानी पीने से भी मुंह सूखने की समस्या में काफी राहत मिलती है।
यदि ये समस्याएं लगातार बनी रहें, तो अपने खान-पान पर ध्यान दें और आयुर्वेदिक जीवनशैली अपनाकर शरीर में वात और पित्त के संतुलन को बनाए रखें।





