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पेपर लीक पर डॉ. प्रदीप वर्मा का कांग्रेस पर हमला, 10 राज्यों के मामलों का किया जिक्र

राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर विभिन्न राज्यों में पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य पर राजनीति बंद हो तथा सभी मामलों की समयबद्ध और निष्पक्ष जांच कर दोषियों

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Ranchi: झारखंड भाजपा के उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर विभिन्न राज्यों में पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन दलों के शासनकाल में लगातार प्रश्नपत्र लीक हुए और परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं, वही आज इस मुद्दे पर नैतिकता की बात कर रहे हैं।

डॉ. वर्मा ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल युवाओं को पारदर्शी भर्ती व्यवस्था देने में विफल रहे हैं। उनके अनुसार, इन सरकारों के कार्यकाल में परीक्षा माफिया और भ्रष्ट तंत्र को संरक्षण मिलने के आरोप लगातार सामने आते रहे, जबकि प्रशासनिक विफलताओं को स्वीकार करने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी की गई।

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कई राज्यों के मामलों का किया उल्लेख

उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2018 से 2026 के बीच कांग्रेस, उसके सहयोगी दलों और अन्य गैर-एनडीए सरकारों के कार्यकाल में कम-से-कम 10 राज्यों में 13 प्रमुख प्रश्नपत्र लीक और गंभीर परीक्षा अनियमितताओं के मामले सामने आए। उनके अनुसार, इन घटनाओं के कारण कई परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं, पुनर्परीक्षाएं आयोजित हुईं और लाखों अभ्यर्थियों को मानसिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक नुकसान उठाना पड़ा।

डॉ. वर्मा ने झारखंड में जेएसएससी संयुक्त स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा तथा झारखंड अधिविद्य परिषद की कक्षा 10वीं की हिंदी और विज्ञान परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, महाराष्ट्र, केरल, बिहार, ओडिशा और तेलंगाना की परीक्षाओं से जुड़े मामलों का भी हवाला दिया।

विपक्ष पर लगाया राजनीतिक आरोप

डॉ. वर्मा ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों का उद्देश्य युवाओं को न्याय दिलाना नहीं, बल्कि पेपर लीक जैसे संवेदनशील मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाना है। उन्होंने कहा कि अपने शासन वाले राज्यों में हुई घटनाओं पर मौन रहने वाले दल केंद्र सरकार और एनडीए शासित राज्यों पर चयनात्मक आरोप लगाकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं।

निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग

उन्होंने कहा कि पेपर लीक केवल प्रशासनिक गलती नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ किया गया संगठित अपराध है। डॉ. वर्मा ने प्रत्येक पेपर लीक मामले की समयबद्ध और निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों, परीक्षा माफिया, दलालों और लाभार्थियों की पहचान कर उनकी संपत्ति जब्त करने तथा प्रभावित अभ्यर्थियों को आर्थिक क्षतिपूर्ति देने की मांग की। साथ ही राज्यों की परीक्षा एजेंसियों की स्वतंत्र सुरक्षा एवं तकनीकी ऑडिट कराने की भी बात कही।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष को राजनीतिक बयानबाजी बंद कर युवाओं के प्रति अपनी जवाबदेही निभानी चाहिए।

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