Paris, (France): फ्रांस में शिक्षा व्यवस्था और सरकार की नीतियों को लेकर छात्रों का विरोध तेज हो गया है। पेरिस समेत कई बड़े शहरों में छात्र स्कूलों के बाहर जुटकर प्रदर्शन कर रहे हैं। कई जगहों पर हाई स्कूलों के गेट ब्लॉक किए गए हैं और कक्षाएं प्रभावित हुई हैं। छात्र शिक्षा बजट में कटौती वापस लेने, छात्र भत्ते बढ़ाने और रोजगार से जुड़ी नीतियों में बदलाव की मांग कर रहे हैं।
स्कूलों के गेट पर बैठे छात्र

नॉर्थ-ईस्टर्न पेरिस में 17 वर्षीय सोफिया समेत कई छात्र स्कूल की कक्षाएं छोड़कर बैरिकेड और कचरे के डिब्बों के पास प्रदर्शन करते नजर आए। पेरिस के लिसी वोल्टेयर स्कूल में भी छात्रों ने लगातार दूसरे दिन गेट ब्लॉक किया।
एक छात्रा ने कहा कि युवा चाहते हैं कि सरकार उनकी बात सुने। प्रदर्शनकारियों के एक पोस्टर पर लिखा था, “स्कूल एक अधिकार है, कोई विशेषाधिकार नहीं।”
छात्रों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में सरकारी निवेश पर्याप्त नहीं है। कई स्कूलों की इमारतें जर्जर हैं और कक्षाओं में बड़ी संख्या में छात्रों को बैठना पड़ता है।
शिक्षा से लेकर रोजगार तक मुद्दे

प्रदर्शन में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दे उठाए गए हैं। छात्रों ने खराब इमारतों, कक्षाओं में गर्मी, शिक्षकों की कम सैलरी और स्टाफ की कमी की शिकायत की है। कुछ छात्रों ने स्कूलों में छत से पानी टपकने और कॉकरोच जैसी समस्याओं का भी जिक्र किया।
यूनिवर्सिटी में दाखिले की ऑनलाइन प्रक्रिया को भी छात्रों ने मुश्किल बताया है। उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था सामाजिक पृष्ठभूमि के आधार पर असमानता को बढ़ाती है। छात्र भत्तों में बढ़ोतरी और रोजगार से जुड़ी नीतियों में सुधार भी चाहते हैं।
सरकार के सामने बढ़ी चुनौती
छात्रों के इस विरोध ने फ्रांसीसी सरकार के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। छात्र संगठनों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को पर्याप्त फंड नहीं मिल रहा है। प्रदर्शनकारियों में कुछ शिक्षक भी समर्थन में शामिल हुए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों युवाओं को गिरफ्तार किया गया है। छात्रों की ओर से अगले सप्ताह भी आंदोलन जारी रखने की बात कही जा रही है। इस आंदोलन की तुलना बांग्लादेश और नेपाल में हुए हालिया छात्र आंदोलनों से भी की जा रही है, हालांकि फ्रांस में छात्रों की मौजूदा मांगों का केंद्र शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़ी नीतियां हैं।




