खूंटी में जलापूर्ति योजना में बिना काम राशि भुगतान पर मंत्री से कारवाई की मांग: एस अली।
मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने प्रतिनिधिमंडल को कारवाई का दिया भरोसा।
रांची: पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल खूंटी में विभिन्न पंचायत व गांवों में जल जीवन मिशन (JJM) अंतर्गत ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत आदिवासी समुदाय के लोगों को वर्ष 2022-2023 में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना था लेकिन ऐसा ना कर मानकों का उल्लंघन करते हुए बिना कार्य किए और अधूरी कार्य पर फर्जी रिपोर्टिंग के आधार पर संवेदक द्वारा “पूर्णत प्रमाण पत्र” हासिल कर सरकारी राशि का भुगतान व बंदरबांट कर लिया गया, इस कार्य में पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल खूंटी के तात्कालिन सबंध कनीय अभियंता- रामजी प्रसाद, सहायक अभियंता राम सुंदर राम, कार्यपालक अभियंता सुरेन्द्र कुमार दिनकर एवं एजेंसी (ठेकेदार) सरोज नारायण प्रसाद सिंह एवं समीर सौरव शामिल है।
यह बातें झारखंड छात्र संघ के प्रतिनिधिमंडल ने आज दिनांक 03 अक्टूबर 2026 को कांके स्थित विश्वा सभागार में पेयजल मंत्री योगेन्द्र प्रसाद महतो द्वारा जल जीवन मिशन के तहत क्रियान्वयन जलापूर्ति योजना की समीक्षा बैठक में शामिल होने से पूर्व मांग पत्र सौपकर बताया।
झारखंड छात्र संघ के केन्द्रीय अध्यक्ष एस अली ने मंत्री को बताया कि-
(1) खूंटी प्रखंड अंतर्गत लांदुप पंचायत के Cluster-8B में जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण जलापूर्ति योजना अंतर्गत इस क्लस्टर के अधिकारिक प्रगति प्रतिवेदन (progress Report) में विभिन्न गांवों- चोनदोरो, दाखिला, दुल्ली/दुलमी, जोजोहातु, करेटुमडीह, किर्रा, कटुद, लांदुप, लोटोर, नचितोला, पात्रा टोली, पीरीहातु, रंगरूम, रंगाडीह, सिरलेम एवं उतरांग में कुल-82 योजनाएं स्वीकृत है।
विभागीय फाइलों और पोर्टल पर 38 योजनाओं को पूर्ण ( Completed) दिखाया गया, जबकि केवल 07 योजना ही पूर्ण है, वही 08 योजना में पहुंच पथ (Approach path) ही नहीं बनाया गया जिससे ये संरचनाएं पूरी तरह से अनुपयोगी है, शेष-67 योजनाए अधूरी है।
इधर अधूरी योजनाओं के एवज में सबंधित एजेंसी (ठेकेदार) को 3.50 करोड़ की राशि भुगतान कर दिया गया।
इसी प्रकार के घोटाले खूंटी जिले में क्लस्टर (Cluster) 8A, 9A, 9B, 10A, 10B एवं 11A जल जीवन मिशन अंतर्गत ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं में हुआ और अधूरे कार्य पर राशि का भुगतान कर दिया गया।
जबकि नियमनुसार थर्ड पार्टी निरीक्षण (TPIA) और ग्राउंड वेरिफिकेशन के बाद कार्य पूर्ण होने पर ही संवेदकों को राशि भुगतान करना है, लेकिन सबंधित अभियंताओं नियम और सरकार के निर्देश का पालन नही किया गया और संवेदक को काम पूरा किए बिना “पूर्णता प्रमाण पत्र” (Completion Certificate) देकर अनुचित तरीके से लाभ पहुंचाते हुए सरकारी राशि का बंदरबांट किया गया है जो गम्भीर अपराध है।
मंत्री योगेन्द्र प्रसाद महतो ने सारी मांगों को गम्भीरतापूर्वक सुना और कार्रवाई का भरोसा दिया।
प्रतिनिधिमंडल में रंजीत उरांव, विकास होरो, झारखंड छात्र संघ के केन्द्रीय उपाध्यक्ष मो0 फुरकान, आमया संगठन के केन्द्रीय संगठन प्रभारी ज़ियाउद्दीन अंसारी, आमया संगठन के पदाधिकारी गुलजार खान, मो आसिफ, सरफराज सामी, अबुरेहान, मजीद आलम, इस्राइल अंसारी, इमरान जिलानी, सुरेश मुंडा आदि शामिल थे।







