Chatra: जिले के गिद्धौर प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज खबर सामने आई है। स्कूल के हॉस्टल में नौवीं कक्षा की एक मासूम छात्रा ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस खौफनाक वारदात के बाद से हॉस्टल से लेकर शिक्षा विभाग तक हड़कंप मच गया है।
मृतका की पहचान सिमरातरी गांव निवासी संतोष भुईयां की 14 वर्षीय पुत्री प्रियंका कुमारी के रूप में हुई है, जो इसी विद्यालय में रहकर नौवीं कक्षा की पढ़ाई कर रही थी।
रात के सन्नाटे में ऐसे हुआ खौफनाक खुलासे का खुलासा
मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार की रात करीब 8:30 बजे हॉस्टल की अन्य सभी छात्राएं खाना खाने के लिए नीचे मेस में आई हुई थीं। इसी दौरान प्रियंका को नीचे न पाकर उसकी सहपाठियों ने उसे बुलाने के लिए उसके कमरे की तरफ रुख किया। जैसे ही सखियों ने कमरे के अंदर झांककर देखा, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। प्रियंका का शव पंखे या फंदे से लटका हुआ था।
छात्राओं की चीख-पुकार सुनकर तुरंत विद्यालय की शिक्षिकाएं मौके पर दौड़ीं और आनन-फानन में बेहोश पड़ी बच्ची को फंदे से उतारकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गिद्धौर पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों की टीम ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे तुरंत चतरा सदर अस्पताल रेफर कर दिया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
28 नवंबर को ही घर से लौटी थी स्कूल, खुदकुशी की वजह पहेली
परिजनों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतका प्रियंका कुछ दिन पहले यानी 28 तारीख को ही अपनी छुट्टी बिताकर वापस विद्यालय लौटी थी। हंसती-खेलती बच्ची अचानक इतना बड़ा खौफनाक कदम कैसे उठा लेगी, यह किसी के गले नहीं उतर रहा है।
घटना की भनक लगते ही सोमवार की रात को ही अंचल अधिकारी अनंत श्यामन विश्वकर्मा और थाना प्रभारी पुरुषोत्तम अग्निहोत्री दलबल के साथ कस्तूरबा विद्यालय पहुंच गए। पुलिस ने मौके का मुआयना किया और हॉस्टल की छात्राओं व स्टॉफ से पूछताछ शुरू कर दी है।
फिलहाल आत्महत्या के असली कारणों का अब तक कोई आधिकारिक खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस सुसाइड के पीछे के हर एक पहलू… चाहे वह मानसिक तनाव हो या हॉस्टल के भीतर का कोई मामला… की गहराई से तफ्तीश कर रही है। एक हंसते-खेलते परिवार की चिराग के यूं बुझ जाने से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।







